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बिहार में पर्यटन

बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थल महात्मा गाँधी सेतु, महाबोधि मंदिर, नालन्दा विश्वविद्यालय, विष्णुपाद मंदिर, बोधगया मंदिर अदि हैं। बिहार की सीमाएं पूर्व में पश्चिम बंगाल, पश्चिम में उत्तर प्रदेश, दक्षिण में झारखण्ड और उत्तर में नेपाल से जुड़ीं है।

राज्य के मैदान धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व के स्थानों से सम्बद्ध हैं। नालन्दा में प्राचीनकालीन विख्यात नालन्दा बौद्ध विश्वविद्यालय था। राजगीर और इसके समीप के प्राचीन व आधुनिक मन्दिरों व धर्मस्थलों की अनेक धर्मों के श्रद्धालुओं द्वारा यात्रा की जाती है। पावापुरी में ही जैन धर्म के प्रवर्तक महावीर को महानिर्वाण (ज्ञानप्राप्ति या पुनर्जन्म के अंतहीन चक्र से मुक्ति) की प्राप्ति हुई थी। गया एक महत्त्वपूर्ण हिन्दू तीर्थस्थल है और इसके निकट बौद्ध धर्म का पवित्र स्थल बोधगया स्थित है, जहाँ बुद्ध को बोधित्व की प्राप्ति हुई थी। पटना के उत्तर में सोनपुर के समीप हरिहर क्षेत्र में प्रत्येक नवम्बर में भारत के प्राचीनतम व विशाल पशु मेलों में से एक का आयोजन होता है। बिहार के अनेक हिन्दू त्योहारों में होली और छठ (मुख्यतया स्त्रियों द्वारा सूर्य की आराधना) का स्थान अत्यधिक महत्त्वपूर्ण है।

नगरविवरण
पटनायह बिहार प्रदेश की राजधानी है। अजातशत्रु के पुत्र उदयभद्र ने 444 – 460 ई. पू. में पाटलिपुत्र की स्थापना की थी और उसे अपनी राजधानी बनाया था। पटना में ऐतिहासिक स्थल, सिखों के दसवें गुरु का जन्म स्थल प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं।
राजगीरराजगीर गर्म झरनों के लिए जाना जाता है। शीतकाल में भ्रमण और स्वास्थ्य के लिए उत्तम है। यहाँ प्रथम विश्‍व बौद्ध संगीति का आयोजन हुआ था। यहाँ जैन व हिन्दुओं के अनेक पवित्र धार्मिक स्थल हैं।
नालन्दाप्राचीनकाल में नालन्दा विश्‍वविद्यालय था, जहां देश-विदेश के छात्र शिक्षा के लिए आते थे। आजकल इसके अवशेष दिखलाई देते हैं।
गयागया हिन्दुओं का महत्त्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। यहाँ पूर्वजों की आत्मा की शान्ति के लिए पिण्डदान किया जाता है। भगवान श्री रामचन्द्र ने अपने पिता दशरथ का पिण्डदान यहाँ किया था।
बक्सरबक्सर में विश्वामित्र का आश्रम था। यहीं पर राम और लक्ष्मण का प्रारम्भिक शिक्षण-प्रशिक्षण हुआ। प्रसिद्ध ताड़का राक्षसी का वध राम द्वारा यहीं पा किया गया था। 1764 ई. का ‘बक्सर युद्ध’ भी इतिहास प्रसिद्ध है।
मनेरमनेर बिहार प्रदेश की राजधानी पटना से 29 किलोमीटर की दूरी पर है। यहाँ शाहदौलत और शेख याहिया मनेरी के मक़बरे हैं।
मधुबनीमधुबनी नगर मधुबनी चित्रकला के लिए प्रख्यात है। 2003 ई. में लन्दन में आयोजित कला प्रदर्शनी में मधुबनी पेंटिंग्स को बहुत प्रशंसा मिली थी।
मुंगेरमुंगेर में ऐतिहासिक क़िला है। यहीं पर प्रसिद्ध योग विश्‍वविद्यालय भी है। प्राचीन अंग साम्राज्य का मुंगेर प्रमुख केन्द्र था।
सोनपुरसोनपुर में कार्तिक माह में एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला लगता है। सोनपुर में प्रसिद्ध ऐतिहासिक हरिहरनाथ जी का मन्दिर है।
वैशालीछठी सदी ई. पू. में वैशाली नगर गणतन्त्र था। वैशाली विश्‍व के प्राचीनतम गणतन्त्र के लिए प्रसिद्ध है। प्रसिद्ध जैन तीर्थंकर महावीर का जन्म स्थल है।
वाल्मीकि नगरयह स्थान वाल्मीकि ॠषि के जन्म स्थल के लिए प्रसिद्ध है। प्राचीन काल में वाल्मीकि ॠषि का आश्रम यहाँ था। वाल्मीकि नगर में एक प्रसिद्ध अभयारण्य भी है।
विक्रमशिलाविक्रमशिला भागलपुर ज़िले में गंगा के तट पर स्थित है। प्राचीन समय में विख्यात विक्रमशिला विश्‍वविद्यालय था। उसके ऐतिहासिक अवशेष अब भी यहाँ हैं।
जीरादेयूजीरादे्यू भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का जन्म स्थल है।
सासारामसूर वंश के संस्थापक अफग़ान शासक शेरशाह सूरी का मक़बरा सासाराम में है और देश का प्रसिद्ध ‘ग्रांड ट्रंक रोड’ भी इसी शहर से होकर गुजरता है।
सीतामढ़ीसीतामढ़ी हिन्दुओं का प्रमुख तीर्थ स्थल है। सीतामढ़ी के पूनौरा नामक स्थान पर जब राजा जनक ने खेत में हल जोता था, उस समय धरती से सीता का जन्म हुआ था। सीता जी के जन्म के कारण इस नगर का नाम सीतामढ़ी पड़ा।
विसपीयह स्थान मधुबनी / दरभंगा ज़िले में है। विसपी में मैथिली कवि विद्यापति का जन्म हुआ था।
पावापुरीपावापुरी पटना से 104 किलोमीटर और नालन्दा से 25 किमी दूरी पर स्थित है। यहीं जैन धर्म के प्रवर्तक महावीर जी ने निर्वाण प्राप्त किया था। यहाँ का जल मन्दिर, मनियार मठ तथा वेनुवन दर्शनीय स्थल हैं।
बरौनीबरौनी उत्तरी बिहार का प्रमुख औद्योगिक नगर है। यहाँ तेल शोधन कारख़ाना, गंगा पर सड़क और रेल पुल है।
भागलपुरभागलपुर बिहार के ऐतिहासिक नगरों में से एक है। भागलपुर विश्‍वविद्यालय यहाँ का प्रमुख शिक्षा केन्द्र हैं। बरारी की गुफाएं दर्शनीय हैं। विष्णु मन्दिर, शिव मन्दिर प्रसिद्ध है । यहाँ ‘टसर रेशम’ का उत्पादन होता है।
आराआरा पटना से 32 मील की दूरी पर है। आरा के दर्शनीय स्थलों में आरण्य देवी, मढ़िया का राम मन्दिर प्रसिद्ध है।
कटिहारकटिहार ज़िले में बरारी गुरु बाज़ार का गुरुद्वारा प्रसिद्ध है। सिखों के नवें गुरु तेगबहादुर द्वारा लंगर का आयोजन किया गया था। सालमारी स्टेशन के पास शिव जी का गोरखनाथ मन्दिर, रानी इन्द्रावती की राजधानी सौरिया प्रसिद्ध हैं।
बिहार शरीफ़बिहार शरीफ़ पटना से 85 किलोमीटर की दूर दक्षिण-पूर्व में है। यह मुस्लिम संस्कृति का प्रमुख केन्द्र है । यहाँ मख़दूम साहब की दरग़ाह तथा मलिक इब्राहिम वयां का मक़बरा है।
पूर्णियापूर्णिया महाभारत कालीन धर्म-स्थल था। यह उत्तर-पूर्वी बिहार में है। यहाँ से नेपाल जाने का रास्ता है। बनभाखी के सिकलीगढ़ प्राचीन गरिमापूर्ण स्थल है।
बराबर पहाड़ीबराबर पहाड़ी में सात प्राचीन गुफाएँ विस्तृत प्रकोष्ठों के रूप में निर्मित हैं। इन सात गुफाओं में से तीन में अशोक के अभिलेख अंकित हैं।

बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थल

 पटना 

पटना बिहार की राजधानी और एक प्रमुख पर्यटन स्थल है  पटना गंगा के दाहिने तट पर स्थित है यहाँ पर गंगा घाघरा, सोन और गंडक जैसी सहायक नदियों से मिलती है पटना सिक्खों के लिये एक अत्यंत ही पवित्र स्थल है। सिक्खों के 10वें तथा अंतिम गुरु गुरू गोबिंद सिंह का जन्म पटना में हीं हुआ था। 

गया 

गया बिहार व झारखण्ड की सीमा पर फाल्गु नदी के तट पर बसा बिहार का एक प्रमुख नगर है यह नगर हिन्दुओ द्वारा पिंडदान और श्राद के लिए प्रसिद्ध है  गया से 17 किलोमीटर की दूरी पर बोधगया स्थित है जो  एक प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थ स्थल है और यहीं बोधि वृक्ष के नीचे भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी

नालन्दा 

गया बिहार का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है प्राचीन काल में यहाँ नालंदा विश्वविद्यालय था इस विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना 450 ईसवीं में गुप्त शासक कुमारगुप्‍त ने की थी चीनी यात्री हेनसांग ने नालंदा विश्वविद्यालय में दस वर्षों तक बौद्ध दर्शन, धर्म और साहित्य का अध्ययन किया था 12वीं शताब्दी में बख़्तियार ख़िलजी ने आक्रमण करके इस विश्वविद्यालय को नष्ट कर दिया था|

वैशाली 

वैशाली बिहार का एक जिला है यहाँ के प्रमुख दर्शनीय स्थल अशोक स्तम्भ , बौध स्तूप, राजा विशाल का गढ़ आदि है 

राजगीर 

बिहार का राजगीर गर्म झरनों के लिए प्रसिद्ध है  यहाँ जैन व हिन्दुओं के अनेक पवित्र धार्मिक स्थल हैं। और यहीं प्रथम विश्‍व बौद्ध संगीति का आयोजन हुआ था।

मनेर 

मनेर बिहार की राजधानी से 29 किमी की दूरी पर स्थित है यहाँ शाहदौलत और शेख याहिया मनेरी के मक़बरे हैं।

सीतामढ़ी

सीतामणि को माँ सीता का जन्म स्थान माना जाता है ऐसा माना जाता है की यही के पुरौना नामक स्थान पर जब राजा जनक हल जोत रहे थे तो धरती से सीता माता का जन्म हुआ  जानकी स्थान मंदिर , उर्बीजा कुंड , हलेश्वर स्थान , पंथ पाकड़ , बगही मठ आदि यहाँ के प्रमुख दर्शनीय स्थल है 

बिहार के प्रमुख धार्मिक व तीर्थ स्थल

बिहार में हिन्दू , मुस्लिम, बौद्ध, सिक्ख, जैन सभी धर्मो के धार्मिक स्थल मौजूद है 

बिहार में हिन्दू धार्मिक स्थल 

  • विष्णुपद मंदिर – गया 
  • पिता महेर मंदिर – गया 
  • अजगैबीनाथ मंदिर – सुल्तानपुर 
  •  पाटन देवी मंदिर – पटना 
  • महावीर मंदिर – पटना 
  • थावे मंदिर – गोपालगंज 
  • जानकी मंदिर – सीतामणि 
  • गरीब नाथ मंदिर – मुज्जफरपुर 
  • काली मंदिर  – मधुबनी 

बिहार में सिख धार्मिक स्थल 

  • गुरुद्वारा पहिला बारा
  • गुरुद्वारा गोविन्द घाट
  • गुरुद्वारा गुरु का बाग़ 
  • गुरुद्वारा बाल लीला 
  • गुरुद्वारा हांडी साहिब 
  • गुरुद्वारा टकसाली संगत 
  • गुरुद्वारा पक्की संगत 

बिहार में बौद्ध धार्मिक स्थल

बिहार में स्थित प्रमुख बौद्ध तीर्थ व धार्मिक स्थल बोधगया, नालंदा , राजगीर , चम्पानगर आदि प्रमुख बौद्ध तीर्थ स्थल है

  • चम्पानगर – यह स्थान भागलपुर जिले में स्थित है यहाँ भगवन बुद्ध अनेक बार गए थे
  • नालंदा – यह विश्व का पहला आवासीय विश्वविद्यालय था जहा अनेक बौद्ध छात्र शिक्षा ग्रहण करते थे
  • केसरिया – यहा बुद्ध का सबसे बड़ा स्तूप है
  • राजगीर – इस स्थान पर भगवान् बुद्ध ने कई उपदेश दिए थे 

बिहार में इस्लामिक धार्मिक स्थल

बिहार में बिहार शरीफ , मनेर शरीफ , शेरशाह मस्जिद , फुलवारी शरीफ आदि प्रमुख इस्लामिक तीर्थ स्थल है 

बिहार में जैन धार्मिक स्थल

  • राजगीर – यह जैनियों के 20 वे तीर्थकर मुनि सुव्रत का जन्म स्थान है 
  • पावापुरी –  यहाँ जैनियों के अंतिम तीर्थकर भगवान् महावीर ने निर्वाण प्राप्त किया था 
  • वैशाली –  यह जैनियों के 24 वे तीर्थकर महावीर का जन्म स्थान है 

बिहार के प्रमुख किले | Major Forts of Bihar

रोहतासगढ़ किला 

रोहतासगढ़ किला बिहार के रोहतास जिले में स्थित एक प्राचीन किला है ऐसी मान्यता है की  इस किले का निर्माण त्रेता युग में अयोध्या के सूर्यवंशी राजा त्रिशंकु के पौत्र व राजा हरिश्चंद्र के पुत्र रोहिताश्व ने कराया था इस किले की परिधि 45 किमी तक  फैली हुई है। इसमें कुल 83 दरवाजे हैं

सासाराम किला 

सासाराम शहर बिहार के रोहतास जिले में स्थित है और रोहतास जिले का मुख्यालय भी है और यहीं शेर शाह सूरी द्वारा निर्मित एक किला भी स्थित है 

पलामू किला 

पलामू भारत के झारखण्ड राज्य के उत्तर पश्चिम में झारखण्ड और बिहार के सीमा पर स्थित है यहाँ दो किले स्थित है जो जर्जर स्थिति में है जिन्हें   ‘पुराना किला’ और ‘नया किला’ कहा जाता है। ये दुर्ग चीरो राजवंश के राजाओं ने बनवाया था 

जलालगढ़ का किला 

जलालगढ का किला, बिहार राज्य के पूर्णिया जिला में जलालगढ़ में स्थित है इस किले को मुग़ल कालीन मन जाता है लेकिन इसके निर्माणकर्ता के बारे में कोई जानकारी नहीं है 

मुंगेर का किला 

मुंगेर भारत के बिहार राज्य में स्थित एक शहर एवं जिला है।  मुंगेर बंगाल के अंतिम नवाब मीरकासिम की राजधानी भी था। यहीं पर मीरकासिम ने गंगा नदी के किनारे एक भव्‍य किले का निर्माण कराया जो 1934 में आए भीषण भूकम्प से क्षतिग्रस्‍त हो गया था, लेकिन इसका अवशेष अभी भी शेष है 

हथुआ किला

हथुआ किला बिहार के गोपालगंज जिले में स्थित है

बिहार राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थल

मंदिर (Temple)

  • आरण्य देवी मंदिर, आरा
  • पूरण देवी मंदिर, पूर्णिया
  • महावीर मंदिर, पटना
  • पटन देवी मंदिर, पटना
  • शीतला माता मंदिर, पटना
  • चैतन्य महाप्रभु मंदिर, पटना
  • महाबोधी मंदिर, बोधगया
  • विष्णुपद मंदिर, गया
  • अरेराज मंदिर, पूर्वी चम्पारण
  • राम जानकी मंदिर, सीतामढ़ी
  • नागेश्वर नाथ मदिर, सीतामढ़ी
  • हरिहर नाथ मंदिर, सोनपुर
  • माधवेश्वर मंदिर, दरभंगा
  • कुशेश्वर स्थान, दरभंगा
  • अजगैबीनाथ मंदिर, भागलपुर
  • देवकुली शिव मंदिर, शिवहर
  • सूर्य मदर, औरंगाबाद

मस्जिद (Mosque)

  • पत्थर की मस्जिद, पटना
  • शेरशाह सूरी मस्जिद, पटना
  • सासाराम जामा मस्जिद, सासाराम
  • अकबरी मस्जिद, मनेर
  • शाही मस्जिद, हाजीपुर
  • पत्थर की मस्जिद, वैशाली
  • संगी मस्जिद, फुलवारी शरीफ
  • झगड्ढा मस्जिद, दरभंगा

गुरुद्वारा (Gurudwara)

  • तख्त श्री हरमिंदर साहिब, पटना
  • गुरु तेग बहादुर गुरुद्वारा, गायघाट, पटना
  • गुरु का बाग, पटना
  • गुरुद्वारा गोविंद घाट, पटना सिटी
  • गुरुद्वारा मैनी संगत, पटना सिटी
  • गुरुद्वारा हांडी साहिब, मुंगेर

गिरजाघर (Church)

  • पादरी की हवेली, पटना
  • सेंट जोसेफ चर्च; बांकीपुर पटना व जमालपुर
  • सेंट टामस दि एपार्सल चर्च, गया
  • सेंट फ्रांसिस औसिसी चर्च, मुजफ्फरपुर

बौद्ध धर्म के स्थल (Buddhist Religion Places)

  • महाबोधि मदिर, बोधगया
  • बोधिवृक्ष, बोधगया
  • वज्रासन, बोधगया
  • विश्व शांति स्तूप, राजगीर
  • गृद्ध कूट पर्वत, राजगीर
  • सप्तपर्ण गुफाएं, राजगीर
  • वेणुवन विहार, राजगीर

जैन धर्म के स्थल (Jain Religion Places)

  • कमलदह, पटना
  • कुंडग्राम, वैशाली
  • पावापुरी, नालंदा
  • गुनावा जी, नवादा
  • राजगीर, नालंदा

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