Home BPSC सिविल सेवा नोट्स भारत में गौरैया की स्थिति

भारत में गौरैया की स्थिति

गौरैया एक छोटी सी चिड़िया है, जो सामान्यतः 14 से 16 सेंटीमीटर का होता है| यह हल्की भूरी या सफ़ेद रंग की होती है| नर पक्षी के गले के पास एक काला धब्बा होता है| इसके शरीर पर छोटे-छोटे पंख होते है| सामान्यतः इसके चोंच और पैरों का रंग पीले रंग का होता है|

गौरैया हर तरह की जलवायु में सर्वाइव कर सकते है, यही कारण है कि ये पूरे विश्व में पाये जाते है| हालाँकि बहुत अधिक तापमान इनके लिए अनुकूल नहीं है| यूरोप एवं एशिया में इनका संकेन्द्रण अधिक रहा है| भारत में भी यह पर्याप्त संख्या में पायी जाती रही है| यह मानव के अधिवास क्षेत्र और यहां तक की हमारे घर में सरलतापूर्वक निर्वाह करते है| घास एवं खर पतवार के बीज इनका मुख्य भोजन है लेकिन यह अनाजों एवं कीड़े मकोड़े जैसे अन्य पदार्थ भी सरलता से खाते है| इन्हें आहार श्रंखला में अपने से बड़े मांसाहारी से खतरा होता है| इन्हें आहार बनाने वाले शिकारियों में घरेलू बिल्लियाँ, बाज, उल्लू और कई अन्य शिकारी पक्षी आदि हैं|

मानव के साथ सामान्य रूप से बसने और बहुलता से मिलने के बाबजूद हालिया कुछ दशकों में इनकी संख्या में बहुत कमी आई है, जिसके कारण इसे आईयुसीएन की सूची में डाला गया है| हालाँकि उसमें इसे लीस्ट कंसर्न यानी कम चिंता की स्थिति वाली सूची में रखा गया है लेकिन यहां सचेत होने की आवश्यकता है अन्यथा यह संकटग्रस्त सूची में आ सकती है और ऐसे में यह जीव विलुप्ती की कगार पर पहुँच सकती है| आइये इनके संख्या कम होने के कारणों को समझते है|

स्पैरो की संख्या कम होने के कारण क्या है

पहले जो घर बनाए जाते थे उसमें ताखा, छज्जा, वेंटीलेटर जैसी संरचना बनाये जाते थे, ये आर्किटेक्चर गौरैयों के रहने के लिए काफी अनुकूल था लेकिन आधुनिक आर्किटेक्चर पक्षियों के अनुकूल नहीं बनाए जाते हैं| ऐसे में इनके निवास का संकट उत्पन्न हो गया है|

वर्तमान में फसल अवशेषों का खेत में ही सीधे दहन कर दिया जाता है| इससे पर्यावरण प्रदूषण की समस्या के साथ ही गोरैया सहित अन्य पक्षियों के लिए भोजन संग्रह कठिन साबित हुआ है|

मोबाइल टावर से नॉन आयोनाइज्ड माइक्रोवेव रेडिएशन निकलने के कारण पक्षियों के नर्वस सिस्टम, प्रतिरक्षा सिस्टम, नेविगेशन क्षमता पर काफी हानिकारक पड़ा है, जिससे पक्षियों को ठिकाना ढूंढ पाना मुश्किल होता है| इससे गौरैया समेत अन्य पक्षी काफी प्रभावित हुए है और इनकी संख्या काफी घटी है|

इसके अलावा गौरैयों की संख्या कम होने के कारण अन्य प्रमुख कारण इस प्रकार है:

  • तालाब, नहर, पोखरा, नदी आदि जलाश्रय का प्रदूषित होना
  • वायु की गुणवत्ता में गिरावट आना
  • तापमान में अत्यधिक वृद्धि
  • शोर के स्तर का अधिक बढ़ना
  • अनलेडेड  पेट्रोल के दहन से उत्पन्न होने वाले  मिथाइल नाइट्राइट जैसे योगिक कीटों के लिए अत्यधिक विषैले होते हैं| यह कीड़े-मकोड़े गौरैया के बच्चों के मुख्य आहार है|
  • गार्डन पेस्टीसाइड का व्यापक उपयोग किया जाना तथा घास के मैदान का लुप्त होना
  • वृक्षों की अंधाधुंध कटाई
  • पशु पक्षी के लिए जल और अनाज रखने की परंपरा में गिरावट
  • समर्पित अस्पतालों का आभाव

विश्व गौरैया दिवस के रूप में स्पैरो के संरक्षण की दिशा में प्रयास

गौरैया की घटती संख्या के मद्देनजर इनके संरक्षण के उद्देश्य से इन्हें आईयुसीएन की रेड लिस्ट में शामिल किया गया है| आईयुसीएन की रेड लिस्ट में इसे लिस्ट कंसर्न स्थिति प्रदान की गई है| इसे संरक्षित करने के उद्देश्य से इसे दिल्ली का राजकीय पक्षी घोषित किया गया है|

इसके आलावा प्रत्येक वर्ष 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस या वर्ल्ड स्पैरो डे मनाया जाता है ताकि लोगों को इसके संरक्षण की दिशा में जागरूक किया जा सके|

गौरैया समेत अन्य पक्षियों के संरक्षण की दिशा में उठाए गए अन्य प्रमुख कदम इस प्रकार है:

  • भारतीय वन्य जीव अधिनियम 1972: यह वन्य जीवों को शिकार के विरुद्ध वैधानिक संरक्षण उपलब्ध कराता है|
  • मोबाइल टावर रेडिएशन के संबंध में पर्यावरण मंत्रालय ने निर्देश जारी किये कि नए टावर प्रवासी पक्षियों के मार्ग में अवरोध ना उत्पन्न करें| वन्य क्षेत्र और प्राणी उद्यानों के आसपास टावर लगाने से पहले वन विभाग से विचार विमर्श किया जाए|
  • बर्ड लाइफ इंटरनेशनल द्वारा पक्षियों के संरक्षण की सूची तैयार कर प्रकाशित करना| ताकि स्थिति को समझा जा सके|
  • बोन कन्वेंशन: भारत इस अंतर्राष्ट्रीय संधि का हस्ताक्षरकर्ता है| यूनाइटेड नेशन इन्वायरमेंटल प्रोग्राम के तत्वाधान में यह कन्वेंशन की गई है|
  • IUCN रेड डाटा बुक

गौरैया हमारे जीवन से काफी नजदीक से जुड़ा एक प्यारा सा पक्षी है| यदि इसके जीवन और अस्तित्व पर संकट आता है तो यह जैव विविधता के नुकसान के अवाला हमारे लिए काफी शर्म की बात है| हमें गौरैया समेत अन्य पक्षियों को बचाने की दिशा में काफी प्रयास करने की आवश्कयता है| कम से कम हमें अपने घरों के बाहर पक्षियों के लिए कुछ दाने और पानी की व्यवस्था अवश्य करनी चाहिए|

हमारा सोशल मीडिया

29,565FansLike
25,786SubscribersSubscribe

Must Read

[BPSC आधिकारिक घोषणा] Important Notice: List of 31 new eligible candidates – 31st Bihar Judicial Services (Preliminary) Competitive Examination.

Important Notice: List of 31 new eligible candidates – 31st Bihar Judicial Services (Preliminary) Competitive Examination. : http://bpsc.bih.nic.in/Advt/NB-2020-09-24-04.pdf नोटिस के लिए यहाँ क्लिक करें BPSC...

ड्रैगन के सामने निडर ताइवान (हिन्दुस्तान)

वैसे तो अपनी हर भौगोलिक सीमा पर चीन का आक्रामक रुख बना हुआ है, लेकिन ताइवान के खिलाफ उसके तेवर खासतौर से गरम...

अप्रिय समापन (हिन्दुस्तान)

एक असाधारण स्थिति में मानसून सत्र के लिए बैठी संसद से देश की अपेक्षाएं भी असाधारण थीं। लेकिन भीषण महामारी, डांवांडोल अर्थव्यवस्था और...

बिहार समाचार (संध्या): 23 सितम्बर 2020 AIR (Bihar News + Bihar Samachar + Bihar Current Affairs)

घर बैठे BPSC परीक्षा की तैयारी: https://definitebpsc.com/ Industrial Dispute in Hindi: https://www.youtube.com/watch?v=y3W56i3zkds हमारा Telegram चैनल - https://t.me/DefiniteBPSC हमारा फेसबुक पेज लाइक करिये -...

Related News

[BPSC आधिकारिक घोषणा] Important Notice: List of 31 new eligible candidates – 31st Bihar Judicial Services (Preliminary) Competitive Examination.

Important Notice: List of 31 new eligible candidates – 31st Bihar Judicial Services (Preliminary) Competitive Examination. : http://bpsc.bih.nic.in/Advt/NB-2020-09-24-04.pdf नोटिस के लिए यहाँ क्लिक करें BPSC...

ड्रैगन के सामने निडर ताइवान (हिन्दुस्तान)

वैसे तो अपनी हर भौगोलिक सीमा पर चीन का आक्रामक रुख बना हुआ है, लेकिन ताइवान के खिलाफ उसके तेवर खासतौर से गरम...

अप्रिय समापन (हिन्दुस्तान)

एक असाधारण स्थिति में मानसून सत्र के लिए बैठी संसद से देश की अपेक्षाएं भी असाधारण थीं। लेकिन भीषण महामारी, डांवांडोल अर्थव्यवस्था और...

बिहार समाचार (संध्या): 23 सितम्बर 2020 AIR (Bihar News + Bihar Samachar + Bihar Current Affairs)

घर बैठे BPSC परीक्षा की तैयारी: https://definitebpsc.com/ Industrial Dispute in Hindi: https://www.youtube.com/watch?v=y3W56i3zkds हमारा Telegram चैनल - https://t.me/DefiniteBPSC हमारा फेसबुक पेज लाइक करिये -...

असली चिंता छोटे किसानों की (हिन्दुस्तान)

संसद ने खेती-किसानी से जुड़े तीन अहम विधेयक पारित किए हैं। इनमें पहला विधेयक है, ‘कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवद्र्धन व सरलीकरण)...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here