Friday, December 4, 2020

    अवस्फीति (Disinflation)

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    अवस्फीति मुद्रा स्फीति की ही एक दशा है। अर्थात इसमें वस्तुओं एवं सेवाओं के मूल्य में बढ़ोतरी होती रहती है लेकिन मूल्य बढ़ने की दर में निरंतर कमी होती जाती है. इस तरह कहा जा सकता है की मुद्रास्फीति के दर में निरंतर कमी की दशा को अवस्फीति कहते है.

    इसे एक उदाहरण के द्वारा और बेहतर रूप से समझा जा सकता है. मान लिया की एक पेन की कीमत 10 रुपया है. अगले कुछ तिमाही में उसकी कीमत क्रमशः 15, 18, 20,21 रुपया रही. इससे पता चलता है की पेन की कीमत में प्रत्येक तिमाही में बढ़ोतरी होती रही. इसीलिए हम कहेंगें यहाँ की पेन के संदर्भ में मुद्रास्फीति की दशा रही. लेकिन ध्यान दे की प्रत्येक तिमाही में पेन के मूल्य में बढ़ोतरी की दर घटती गई है. जहाँ पहले तिमाही में 3 रूपये की बढ़ोतरी हुई वही अगले में क्रमशः 2 और 1 रूपये की वृद्धि हुई. इसलिए इसे अवस्फीति की दशा है.

    स्पष्ट है की मुद्रास्फीति के दर में निरंतर कमी की दशा को अवस्फीति कहते है. गौर करें की अवस्फीति की प्रत्येक दशा मुद्रास्फीति की ही एक दशा है परन्तु मुद्रास्फीति की हर दशा अवस्फीति की दशा नहीं है.