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बिहार में पत्रकारिता

बिहार में पत्रकारिता का इतिहास

  • 1875 में गुरू प्रसाद सेन द्वारा बिहार के पहले अंग्रेजी अखबार ‘दि बिहार हेराल्ड’ का प्रकाशन आरंभ हुआ।
  • 1881 में पटना से ‘इंडियन क्रॉनिकल’ नामक अखबार प्रकाशित हुआ।
  • बीसवीं शताब्दी के आरंभ में राष्ट्रवादियों द्वारा ‘दि मदरलैंड’ तथा “बिहार स्टैंडर्ड” का प्रकाशन आरंभ हुआ।
  • ‘दि बिहारी’ एवं ‘दि बिहार टाईम्स’ दो अखबार थे, जो बिहार को पृथक प्रांत बनाने की मांग की प्रस्तुति में सक्रिय रहे।
  • ‘बिहार टाईम्स’ की स्थापना पटना में 1903 में साप्ताहिक के रूप में हुई। जबकि 1906 में इसे भागलपुर से प्रकाशित होने वाले ‘बिहार न्यूज’ के साथ जोड़कर ‘दि बिहारी’ नाम दे दिया गया।
  • 1917 में ‘दि बिहारी’ एक दैनिक के रूप में परिवर्तित हो गया तथा 1917 में इसका प्रकाशन बंद कर दिया गया।
  • ‘दि बिहारी’ के स्थान पर 15 जुलाई, 1918 से ‘दि सर्चलाइट’ का प्रकाशन होने लगा। इसके प्रथम संपादक सैयद हैदर हुसैन थे।
  • 1930 में ‘दि सर्चलाइट’ को एक दैनिक का रूप दे दिया गया। इसने सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन के क्रम में राष्ट्रवादियों के प्रवक्ता के रूप में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • 1985 में ‘सर्चलाइट’ का प्रकाशन बंद करके उसके स्थान पर ‘हिंदुस्तान टाईम्स’ के पटना संस्करण को शुरू किया गया।
  • असहयोग आंदोलन के दौरान मजहरुल हक ने पटना से ‘दि मदरलैंड’ का प्रकाशन आरंभ किया। सरकार की कड़ी आलोचना के कारण इस समाचार पत्र पर अनेक बार मुकदमे चलाए गए और शीघ्र ही इसका प्रकाशन रोक दिया गया।
  • 1924 में बिहार के पहले भारतीय मुख्यमंत्री मोहम्मद यूनुस ने ‘दि पटना टाईम्स’ का प्रकाशन आरंभ किया, जो 1944 तक प्रकाशित होता रहा।
  • 1931 में दरभंगा के महाराज कामेश्वर सिंह ने ‘दि इंडियन नेशन’ की स्थापना की।
  • मई, 1986 से ‘टाईम्स ऑफ इंडिया’ के पटना संस्करण का भी प्रकाशन शुरू हुआ।
  • बिहार का पहला हिंदी समाचार पत्र ‘बिहार बंधु’ था जो 1874 में पटना से प्रकाशित हुआ। इसकी स्थापना दो वर्ष पूर्व ही कोलकाता में हुई थी।
  • बिहार में पहला हिंदी दैनिक ‘सर्वहितैषी’ के नाम से 1890 में पटना से प्रकाशित हुआ।
  • ‘दि इंडियन नेशन’ के हिंदी सह-प्रकाशन ‘आर्यावर्त’ का प्रकाशन 1941 में पटना से आरम्भ हुआ।
  • 1947 में ‘सर्चलाइट’ का सह-प्रकाशन हिंदी भाषा में ‘प्रदीप’ नाम से प्रारम्भ हुआ।
  • ‘प्रदीप’ का प्रकाशन 1986 में बंद हो गया तथा इसका स्थान ‘हिंदुस्तान’ के पटना संस्करण ने ले लिया।
  • 1986 में ‘नवभारत टाईम्स’ के पटना संस्करण का प्रकाशन भी आरंभ हुआ लेकिन 1995 में इसे बंद कर दिया गया।
  • उन्नीसवीं शताब्दी में बिहार का पहला उर्दू अखबार ‘आरा’ से प्रकाशित हुआ, जिसका शीर्षक था ‘नुरुल अन्वार’ और इसके मालिक थे मोहम्मद हाशिम।
  • बिहार का पहला उर्दू दैनिक 1876 में ‘आरा’ से ही प्रकाशित हुआ। स्वतंत्रता संग्राम के दिनों के उर्दू अखबारों में सबसे पुराना ‘सदा-ए-आम’ था।
  • इसी काल में ‘इत्तिहाद’ और ‘शाति’ का प्रकाशन भी आरंभ हुआ।
  • 1948 में दरभंगा से एक साहित्यिक पत्रिका ‘किरण’ का प्रकाशन प्रारम्भ हुआ।

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