Home BPSC साक्षात्कार साक्षात्कार प्रश्नोत्तर देशी शराब कैसे बन जाती है जहरीली शराब?

देशी शराब कैसे बन जाती है जहरीली शराब?

देश के कई हिस्सों से कई बार ज़हरीली शराब के कारण मौत की ख़बरें आ चुकी हैं. देसी शराब बनाने, बेचने और पिलाने का धंधा नया नहीं है और जब से ये कारोबार है तब से इसमें मिलावट का सिलसिला जारी है.

देशी शराब का रासायनिक सच बहुत ही साधारण सा है. लेकिन देशी शराब को अधिक नशीली बनाने के चक्कर में ही ये ज़हरीली हो जाती है. 

जिस रासायनिक द्रव्य को देसी दारू कहकर बेचा जाता है, वो 95 फ़ीसदी तक विशुद्ध एथाइल एल्कोहल है. ये गन्ने के रस, ग्लूकोज़, शोरा, महुए का फूल, आलू, चावल, जौ, मकई जैसे किसी स्टार्च वाली चीज़ का फर्मेन्टेशन (किण्वन विधि) करके तैयार किया जाता है.

शराब को अधिक नशीली बनाने के लिए इसमें ऑक्सिटोसिन मिला दिया जाता है, जो मौत का कारण बनती है.
हाल के सालों में ऑक्सिटोसिन को लेकर ये जानकारी सामने आई है कि ऑक्सिटोसिन से नपुंसकता और नर्वस सिस्टम से जुड़ी कई तरह की भयंकर बीमारियां हो सकती हैं. इसके सेवन से आँखों में जलन, ख़ारिश और पेट में जलन हो सकती है और लंबे समय में इससे आँखों की रोशनी भी जा सकती है. कच्ची शराब में यूरिया और ऑक्सिटोसिन जैसे केमिकल पदार्थ मिलाने की वजह से मिथाइल एल्कोहल बन जाता है जो लोगों की मौत का कारण बन जाता है. वैज्ञानिकों के मुताबिक़ मिथाइल शरीर में जाते ही केमि‍कल रि‍एक्‍शन तेज़ होता है. इससे शरीर के अंदरूनी अंग काम करना बंद कर देते हैं और तुरंत मौत हो जाती है. कुछ लोगों के शरीर में ये रसायनिक प्रक्रिया धीरे-धीरे होती है, तो वे बचा लिए जाते हैं.

मेथेनॉल केमिस्ट्री की दुनिया का सबसे सरल एल्कोहल है. सामान्य ताप पर ये लिक्विड रूप में होता है. इसका इस्तेमाल एंटीफ़्रीज़र (फ्रीजिंग प्वॉयंट कम करने के लिए किसी कूलिंग सिस्टम में पानी के साथ मिलाया जाने वाला लिक्विड) के तौर पर, दूसरे पदार्थों का घोल तैयार करने के काम में और ईंधन के रूप में होता है. ये एक रंगहीन और ज्वलनशील द्रव है जिसकी गंध एथेनॉल (पीने के काम में आने वाला एल्कोहल) जैसी ही होती है. ध्यान रहे कि मेथेनॉल ज़हरीली चीज़ है जो पीने के लिए बिलकुल ही नहीं होती. इसे पीने से मौत हो सकती है, आंखों की रोशनी जा सकती है. 

इंडस्ट्री एथेनॉल का काफ़ी इस्तेमाल करती है क्योंकि इसमें घुलने की ग़ज़ब की क्षमता होती है. इसका इस्तेमाल वॉर्निश, पॉलिश, दवाओं के घोल, ईथर, क्लोरोफ़ार्म, कृत्रिम रंग, पारदर्शक साबुन, इत्र और फल की सुगंधों और दूसरे केमिकल कम्पाउंड्स बनाने में होता है. पीने के लिए कई तरह की शराब, ज़ख्मों को धोने में बैक्टीरिया किलर के रूप में और प्रयोगशालाओं में सॉल्वेंट के रूप में ये काम में आता है.

सामान्य शराब एथाइल एल्कोहल होती है जबकि ज़हरीली शराब मिथाइल एल्कोहल कहलाती है. कोई भी एल्कोहल शरीर में लीवर के ज़रिए एल्डिहाइड में बदल जाती है. लेकिन मिथाइल एल्कोहल फॉर्मेल्डाइड नामक के ज़हर में बदल जाता है. ये ज़हर सबसे ज़्यादा आंखों पर असर करती है. अंधापन इसका पहला लक्षण है. किसी ने बहुत ज़्यादा शराब पी ली है तो इससे फॉर्मिक एसिड नाम का ज़हरीला पदार्थ शरीर में बनने लगता है. ये दिमाग़ के काम करने की प्रक्रिया पर असर डालता है.

ताज्जुब की बात ये है कि ज़हरीली शराब का इलाज भी शराब से ही होता है.मिथाइल एल्कोहल के ज़हर का इलाज इथाइल एल्कोहॉल है.

हमारा सोशल मीडिया

28,872FansLike
25,786SubscribersSubscribe

Must Read

आर्थिकी पर ध्यान (प्रभात ख़बर)

आर्थिकी पर ध्यान Source link Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by DEFINITE BPSC.

सोशल मीडिया में भारत-चीन रिश्ते (प्रभात ख़बर)

सोशल मीडिया में भारत-चीन रिश्ते Source link Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by DEFINITE...

अपराध और राजनीति का गठजोड़ (प्रभात ख़बर)

अपराध और राजनीति का गठजोड़ Source link Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by DEFINITE...

लॉक और अनलॉक की आंख मिचौली (हिन्दुस्तान)

कंपनियों के तिमाही नतीजे आने लगे हैं। यह उसी तिमाही के नतीजे हैं, जिसके तीन में से दो महीने पूरी तरह लॉकडाउन में...

Related News

आर्थिकी पर ध्यान (प्रभात ख़बर)

आर्थिकी पर ध्यान Source link Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by DEFINITE BPSC.

सोशल मीडिया में भारत-चीन रिश्ते (प्रभात ख़बर)

सोशल मीडिया में भारत-चीन रिश्ते Source link Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by DEFINITE...

अपराध और राजनीति का गठजोड़ (प्रभात ख़बर)

अपराध और राजनीति का गठजोड़ Source link Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by DEFINITE...

लॉक और अनलॉक की आंख मिचौली (हिन्दुस्तान)

कंपनियों के तिमाही नतीजे आने लगे हैं। यह उसी तिमाही के नतीजे हैं, जिसके तीन में से दो महीने पूरी तरह लॉकडाउन में...

विज्ञान में आत्मनिर्भरता (हिन्दुस्तान)

देश का विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना जितना जरूरी है, लगभग उतनी ही जरूरी है, इससे संबंधित संसदीय समिति की...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here