बुधवार, फ़रवरी 28, 2024
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बिहार की सियासत में अरवा चावल और आलू-बैंगन की एंट्री

बिहार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल का कहना है कि महागठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे नीतीश कुमार बिहार में अपराधियों पर कार्रवाई करने में भय खाते हैं। लेकिन, जनता की रसोई में ताक-झांक जरूर कर लेते हैं। दरअसल, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने बिहार सरकार की ओर से अरवा चावल की खरीद पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद कहा कि सरकार को इस पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस अविवेकपूर्ण निर्णय से चावल की कालाबाजारी भी बढ़ेगी। जो लोग उसना चावल नहीं खाते हैं वे या तो चावल का उठाव कर उसे बेचने पर मजबूर होंगे। नहीं तो, उठाव न होने पर ऊपर ही ऊपर ही बेच दिया जाएगा।

‘बिहार सरकार को संवेदना से शून्य’
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बिहार सरकार केवल अरवा चावल की खरीद पर लगायी गयी रोक पर पुनर्विचार करे। उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे लोग आज इतने मतिशून्य हो चुके हैं कि अब ये आम जनता के खान-पान को भी अपने नियंत्रण में लेना चाहते हैं। पीडीएस (PDS) दुकानों के लिए अरवा चावल की खरीद पर रोक लगा रहे इन लोगों को ये तक नहीं पता कि बिहार के पटना, नालंदा जैसे कई जिलों में उसना चावल की मांग अधिक है। उन्होंने कहा कि पूर्वी-पश्चिमी चंपारण जैसे कई जिलों के लोग अरवा चावल खाना पसंद करते हैं। जिन जिलों में लोग सैंकड़ों वर्षों से अरवा चावल खाते आ रहे हैं, उन्हें जबर्दस्ती उसना चावल खाने पर मजबूर कैसे किया जा सकता है?

‘बिहार में अरवा का उत्पादन ज्यादा’
बीजेपी सांसद और प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर संजय जायसवाल ने कहा कि सरकार को ये भी नहीं पता कि बिहार में अधिकांश मिलें अरवा का ही उत्पादन करती हैं। उन्होंने बताया कि चंपारण में 100 से अधिक राइस मिल हैं। जिनमें से सिर्फ 2 ही उसना चावल का निर्माण करते हैं। दोनों चावलों के उत्पादन के लिए अलग-अलग मशीनों का उपयोग तथा निबंधन होता है। ऐसे में सरकार का तुगलकी फरमान न केवल राज्य की अधिकांश मीलों का भट्ठा बैठा देगी, बल्कि उनमे काम करने वाले मजदूरों और उन्हें धान बेचने वाले किसानों के सामने भूखों मरने की नौबत भी आ जाएगी।

‘अब आलू-बैंगन भी प्रतिबंधित करेंगे क्या’
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार एक के बाद एक जिस तरह के काम कर रही है उससे राज्य का भविष्य एक बार फिर से डावांडोल होता जा रहा है। इन्हें लोगों की रसोई में झांकने के लिए समय है, लेकिन राज्य पर राज कर रहे अपराधियों के खिलाफ कारवाई करने में भय लगता है। डॉ. संजय जयसवाल ने कहा कि इनके आचरण से ऐसा प्रतीत होता है कि इन्होने एक बार फिर से राज्य का नाम खराब करने की कसम खा ली है। डर इस बात का है कि कहीं भविष्य में नीतीश कुमार आलू-बैंगन को सेहत के लिए खराब बताते हुए कहीं उस पर भी प्रतिबंध न लगा दें।

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