रविवार, फ़रवरी 25, 2024
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नेपाल से तबाही: बिहार के कई जिलों में आ सकती है बाढ़, गंडक में बेतहाशा बढ़ रहा जलस्तर

नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में मुसलाधार हुई बारिश से पूर्वी चंपारण जिले से होकर बहनेवाली तमाम नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है. गंडक नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है; जबकि सिकरहना, लालबकेया नदियां अभी खतरे के निशान फिलहाल नीचे है, लेकिन वाल्मीकिनगर गंडक बराज से छोड़ा गया पानी तबाही का संदेश देता दिख रहा है.

गंडक का जलस्तर कई स्थानों पर खतरे के निशान के ऊपर है. गंडक नदी के दियारा इलाके में बसे अरेराज और संग्रामपुर प्रखंड के कई गांवों के खेतों में पानी पहुंचने लगा है तो रास्ते पानी में डूब गए हैं. लोग जान जोखिम में डालकर घर से जरूरी समानों को निकालने में जान जोखिम में डाल रहे हैं. कुछ जगहों पर आने-जाने का साधन केवल नाव है, जबकि केसरिया प्रखंड के कई गांवों में भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है.

शुक्रवार को वाल्मीकिनगर गंडक बराज से 4 लाख 32 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है. गंडक नदी के आस-पास के गांव के लोगों के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई है. दरअसल, गंडक बराज से छोड़ा गया पानी, शनिवार सुबह जिला क्षेत्र में आना शुरू हो गया है.

जिले से होकर बहने वाली गंडक नदी का जलस्तर डुमरियाघाट में 62.58 मीटर है, जो खतरे के निशान से 0.56 मीटर ऊपर है. चटिया में गंडक का जलस्तर 66.83 मीटर है, जो खतरे के निशान से 2.317 मीटर नीचे है. वहीं, लालबकेया नदी का जलस्तर गुआबारी में 69.60 मीटर है, जो खतरे के निशान से 1.52 मीटर नीचे है.

गंडक नदी का जल स्तर बढ़ने से संग्रामपुर प्रखंड के ईजरा, नवादा, बीनटोली, बरिआरिया,पुछरिया, भवानीपुर, मल्लाही टोला आदि गावों के खेतों और सड़कों पर पानी फैल गया है. अरेराज प्रखंड के चटिया, नगदाहां, सिकटिया,पाण्डेय टोला आदि गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं. डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने गंडक, सिकरहना, बूढ़ी गंडक, सिकरहना नदियों के तटबंध की लगातार निगरानी का निर्देश सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिया है.

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