रविवार, फ़रवरी 25, 2024
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पटना में ह्यूमन ट्रैफिकिंग गैंग सक्रिय, छोटी बच्चियों को बना रहा है निशाना

वह बच्ची खुशनसीब निकली कि अपहरण होने के बाद उसे सही सलामत बरामद कर लिया गया. वर्ना पुलिस ने जो खुलासा किया है, वह चौंकाने के साथ-साथ सिहराने वाला भी है. बच्ची की बरामदगी के बाद शुक्रवार को पुलिस ने कहा कि बच्ची ह्यूमन ट्रैफिकिंग गिरोह के कब्जे में थी.

बता दें कि 16 जून को पटना के पीरबहोर थाना क्षेत्र से 3 साल की बच्ची लाडो लापता हो गई थी. पुलिस इस मामले में लगातार खोजबीन कर रही थी, लेकिन बच्ची का कुछ पता नहीं चल रहा था. इस बीच बच्ची के परेशान परिजन सड़क जाम कर पुलिस पर लगातार दबाव बना रहे थे, पर पुलिस की लाचारी के सामने कोई दबाव काम नहीं कर पा रहा था.

इस बीच आज पुलिस को सूचना मिली कि लाडो को कदमकुआं थाना क्षेत्र के लालजी टोले में रखा गया है. पटना एसएसपी के निर्देश पर आनन-फानन में पुलिस टीम गठित कर लालजी टोला में छापेमारी की गई. वहां रेखा नाम की महिला के घर से 3 साल की लाडो बरामद हो गई. लाडो की बरामदगी से जहां परिजन बेहद खुश हैं, वहीं पटना पुलिस ने भी संतोष और राहत की सांस ली है.

लेकिन इन सबके बीच पुलिस ने जो खुलासा किया है उससे पटना में खलबली मच गई है. दरअसल 3 साल की लाडो ह्यूमन ट्रैफिकिंग गैंग का शिकार हो गई थी. लाडो को 500 रुपये में रेखा ने एक युवक से खरीदा था. रेखा अपने लालजी टोला स्थित घर में सेक्स रैकेट चला रही थी. पुलिस ने छापेमारी के दौरान वहां से 3 महिलाओं और पुरुषों को भी पकड़ा है.

पटना के एसएसपी ने माना कि पुलिस के लिए यह मामला काफी पेचीदा बन गया था. एसएसपी ने कहा कि सेक्स रैकेट के धंधे में लगी रेखा और दूसरी महिलाओं से पूछताछ की जा रही है. उन्होंने माना कि बच्ची को गलत नीयत से अगवा किया गया था. एसएसपी के मुताबिक, यह घटना एक सबक भी है कि हम हर वक्त अपने बच्चों पर ध्यान दें और घर के बाहर भी अगर खेल रहे हों तो उनपर कड़ी नजर रखें. राजधानी पटना में अब भी कई ऐसे बच्चे गायब हैं जिनका कहीं कोई अता-पता नहीं चल पाया है.

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