रविवार, फ़रवरी 25, 2024
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पटना में लाइसेंसी हथियारों का बड़ा फर्जीवाड़ा: VIP दिखने के लिए अवैध असलहों से हो रही सुरक्षा, सशस्त्र बॉडी गार्ड के पास नहीं होता अपना लाइसेंस

VIP दिखने के लिए बॉडी गार्ड और बाउंसर लेकर चलने वाले सुरक्षा के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। सशस्त्र बॉडी गार्डों के पास खुद का लाइसेंस नहीं है, वह दूसरों का असलहा लेकर सुरक्षा में लग गए हैं। पटना में इस बड़े फर्जीवाड़े का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एक युवक को दो सशस्त्र बॉडी गार्डों के साथ पकड़ा गया है, जिनके लाइसेंस फर्जी पाए गए हैं। सशस्त्र जब्त कर आरोपियों को जेल भेजा गया है। इस खुलासे के बाद जिला प्रशासन अलर्ट हुआ है और ऐसे सुरक्षा गार्डों को जेल भेजने की तैयारी कर रहा है जो दूसरे के सशस्त्र का इस्तेमाल कर रहे हैं।

पटना की दानापुर थाना की पुलिस ने नासरीगंज छठ घाट पर राजनाथ नाम के एक व्यक्ति को नाव से घूमते हुए पकड़ा। वह दो अंगरक्षकों के साथ वहां VIP की तरह घूम रहा था। दो निजी अंगरक्षकों के साथ पकड़े गए व्यक्ति की जांच पड़ताल में बड़ा खुलासा हुआ। दोनों निजी अंगरक्षक से जब्त शस्त्रों की जांच की गई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में पाया गया कि लखनपुरा, बख्तियारपुर के एएन प्रसाद का रायफल एवं पिस्टल की अनुज्ञप्ति उधमपुर (जम्मू एवं कश्मीर) से निर्गत है। पकड़ा गया दूसरा व्यक्ति संजीत तवाड़ी, दानापुर के पास से दो शस्त्र – एक पम्प एक्सन गन एवं एक रिवाल्वर बरामद किया गया। पम्प एक्सन गन राजनाथ की पत्नी स्वेता राज के नाम से जारी है, जिसे वह अपने साथ लेकर चल रहे थे। संजीत तवाड़ी एवं स्वेता राज का लाइसेंस जम्मू एवं कश्मीर से जारी किया गया है, जिसका UIN (Unique Identification Number) NDAL-Alis पोर्टल पर सही नहीं पाया गया।

प्रशासन का कहना है कि किसी व्यक्ति द्वारा किसी अन्य व्यक्ति का शस्त्र लेकर चलना नियम के खिलाफ है। किसी व्यक्ति को उनके स्वयं के व्यक्तिगत जान-माल की सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस दिया जाता है, लेकिन अपने शस्त्र लाइसेंस पर शस्त्र का प्रयोग किसी अन्य व्यक्ति की सुरक्षा (निजी अंगरक्षक) के लिए किया जाना कानून का उल्लंघन है।

जिला प्रशासन इस मामले में काफी गंभीर हो गया। संबंधित शस्त्र लाइसेंस धारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और तीन व्यक्तियों राजनाथ, संजीत तवाड़ी तथा अलख निरंजन प्रसाद को जेल भेज दिया गया है। डीएम पटना डॉक्टर चंद्रशेखर सिंह का कहना है कि कानून का उल्लंघन करने वालों को जेल भेजा जाएगा। ऐसे मामलों में जांच कर कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा को लेकर बड़ा खेल पटना में काफी हो रहा है, लेकिन पकड़ में नही आ रहे हैं। प्रशासन तो पटना जिले से निर्गत लाइसेंसों का सत्यापन करता है लेकिन बाहर से जारी लाइसेंस की पड़ताल नहीं हो पा रही है। सूत्रों की माने तो पटना में ऐसे लोगों की संख्या अधिक है जो बाहर से जारी लाइसेंस पर असलहा लेकर सुरक्षा में लगे हैं।

पटना में लाइसेंसी शस्त्र को मॉडलाइज किया जा रहा है। साधारण राइफल को AK-47 की तरह दिखने वाला बना दिया जा रहा है। यह बड़ा अपराध है और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए। पटना में इस खेल का कोई खुलासा नहीं हो रहा है। इस पर कोई बड़ी कार्रवाई या जांच नहीं हो रही है। सूत्रों की मानें तो पटना में बाहर से लाए असलहों का माडल बदल कर रखा जा रहा है। जम्मू कश्मीर से जारी लाइसेंस को पटना में माडल बदलकर रखा जा रहा है। इसे निजी सुरक्षा में ही इस्तेमाल किया जा रहा है।

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