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बिहार का खानपान

बिहार अपने खानपान की विविधता के लिए प्रसिद्ध है। शाकाहारी तथा मांसाहारी दोनो व्यंजन पसंद किये जाते हैं। मिठाईयों की विभिन्न किस्मों के अतिरिक्त अनरसा की गोली, खाजा, मोतीचूर लड्डू, तिलकुट यहाँ की खास पसंद है। सत्तू, चूड़ा-दही और लिट्टी-चोखा जैसे स्थानीय व्यंजन तो यहाँ के लोगों की कमजोरी हैं। लहसुन की चटनी भी बहुत पसंद करते हैं। लालू प्रसाद के रेल मंत्री बनने के बाद तो लिट्टी-चोखा भारतीय रेल के महत्वपूर्ण स्टेशनों पर भी मिलने लगा है। सुबह के नास्ते में चूड़ा-दही या पूरी-जलेबी खूब खाये जाते हैं। चावल-दाल-सब्जी और रोटी बिहार का सामान्य भोजन है। बिहार की मालपुआ काफी स्वादिष्ट होता है। यह उत्तर भारत में बनाये जाने वाली डिश है। बिहार की बाकी व्यंजनों में दालपूरी, खाजा, मखाना खीर, पेरूकिया, खजुरी, बैगन का भरता आदि शामिल है।

अनरसा

अनरसे एक बिहारी व्यंजन है। अनरसे एक प्रकार का मीठा पकवान है जो चावल के आटे के घोल, तिल और चीनी से बनाया जाता है।

लिट्टी चोखा

लिट्टी चोखा एक प्रकार का व्यंजन है जो से लिट्टी तथा चोखे – दो अलग व्यंजनों के साथ-साथ खाने को कहते हैं।

लिट्टी: आटे को पानी के साथ गूंथा जाता है जिसके बाद उसमें पहले से तैयार सत्तू और मसाले के मिश्रण को बीच में डाल कर गोल बना लिया जाता है। इस पहले से तैयार मिश्रण में, सत्तू को तेल, नींबू के रस, प्याज के कटे टुकड़े, लहसुन इत्यादि के साथ मिला कर थोड़ा रूखा गूंथा जाता है।

चोखा: आलू और् बैंगन (जिसका चोखा बनाना है) को उबाला अथवा आग में पका लिया जाता है। इसके बाद इसके छिलके को हटा कर उसे नमक, तेल, हरी मिर्च, प्याज, लहसुन इत्यादि के साथ गूंथ लिया जाता है।

तिलकुट

तिलकुट एक प्रकार का पकवान है जो तिल तथा चीनी या गुड़ से बनाया जाता है। इसका प्रयोग मकर संक्रांति पर किया जाता है।

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