Home BPSC मुख्य परीक्षा GS पेपर 1 - भारतीय कला संस्कृति बौद्ध धर्म के पतन के कारणों का वर्णन करें

बौद्ध धर्म के पतन के कारणों का वर्णन करें

बौद्ध धर्म के पतन के निम्न प्रमुख कारण थे –

हिन्दू धर्म में सुधार–हिन्दू धर्म में असंख्य देवी देवता है | अतः उन्होंने गौतम बुद्ध को भी अवतार मानकर उसकी पूजा अर्चना शुरू कर दी | उनके कुछ सिद्धांतों जैसे सत्य और अहिंसा को ग्रहण कर लिया था | ब्राह्मणों एवं हिन्दुओं विद्वानों के समय पर चेत जाने के कारण हिन्दू धर्म का विघटन रुक गया | जो लोग हिन्दू धर्म छोड़कर चले गए थे | उसे होने पुनः स्वीकार कर लिया |

बौद्ध धर्म का विभाजन--कनिष्क के काल में बौद्ध धर्म का विभाजन हीनयान और महायान के रूप में हो गया था | महायान शाखा को मूर्तिपूजा की छूट दी गई थी जिसके फलस्वरूप कई लोगों ने फिर से इस धर्म में प्रवेश पा लिया, जो पहले इसे छोड़ चूका था |

बौद्ध मठों में भ्र्ष्टाचार–मठों में सुख सुविधाएँ मिल जाने तथा स्त्रियों को भुक्षुणी बनाने की छूट दिए जाने के कारण मठों में भ्र्ष्टाचार फ़ैल गया | भिक्षु तथा भिक्षुणियों धार्मिक कार्यों की आड़ में विषय-वासनाओं में लग गए | उनका चरित्र भ्र्ष्ट हो गया | उनके सब त्याग, तपस्या व आदर्श मिटटी में मिल गए | गौतम बुद्ध के उपदेशों को भूलकर वे वासनाओं में लिप्त हो गए जिससे समाज पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ा |

राजकीय सहायता का न मिलना–कनिष्ट की मृत्यु के पश्चात् बौद्धों को राजकीय सहायता मिलनी बंद हो गई | गुप्त साम्रज्य के आ जाने के कारण अधिक दिनों तक नहीं चल सका |

हिन्दू उपदेशकों का आना--कुमारिल भट्ट और शंकराचार्य जैसे हिन्दू विद्वानों के मैदानों में आ जाने से बौद्ध विद्वानों की दाल गलनि बंद हो गई थी | वे इन सिद्धांतों के तर्कों के सामने नहीं ठहर पते थे |

मुसलमानों का आक्रमण–बारवीं शताब्दी में महमूद गजनवी और अन्य आक्रमणकारियों ने भारत पर आक्रमण किये | बौद्धों में उनके आक्रमण का मुकाबला करने का साहस न था | अतः वे या तो मारे गए, या निकटवर्ती क्षेत्रों जैसे नेपाल, तिब्बत, वर्मा और श्रीलंका आदि क्षेत्रों में चले गए |

हिंसात्मक आक्रमण-बौद्ध धर्म  की अधिकतम हानि हूणों द्वारा हुई थी | उन्होंने हजारों भिक्षुओं को मौत के घाट उतार दिया था | उनके मठों को खंडहर बना दिया था | तक्षशिला आदि विश्वविधालय को आग लगा दी तथा बौद्ध साहित्य को जला दिया गया था |  इस प्रकार से पंजाब, राजपुताना एवं उत्तर पश्चिमी सीमा प्रान्त से बौद्धों का सफाया हो गया था |  

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