Home बिहार के अखबारों में OBC Reservation: झारखंड की तर्ज पर बिहार में भी बढ़ाया जाएगा ओबीसी आरक्षण का दायरा?

OBC Reservation: झारखंड की तर्ज पर बिहार में भी बढ़ाया जाएगा ओबीसी आरक्षण का दायरा?

0
OBC Reservation: झारखंड की तर्ज पर बिहार में भी बढ़ाया जाएगा ओबीसी आरक्षण का दायरा?

क्या बिहार में महागठबंधन की सरकार भी झारखंड की हेमंत सोरेन की सरकार की तरह प्रदेश में आरक्षण का दायरा बढ़ाने पर विचार कर रही है ? क्या आने वाले समय में बिहार में भी आरक्षण का बेरियर टूट सकता है ? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी ईडब्ल्यूएस पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आरक्षण का दायरा बढ़ाने के समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं। अब जनता दल यूनाइटेड संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा का बयान इसी ओर इशारा कर रहा है।

आरक्षण का दायरा बढ़ाने पर विचार, लेकिन इस बात का है डर : उपेंद्र कुशवाहा
जनता दल यूनाइटेड संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने एनबीटी से खास बातचीत करते हुए कहा कि झारखंड सरकार की तर्ज पर बिहार में भी आरक्षण का दायरा बढ़ाने पर सरकार विचार कर सकती है। हालांकि उपेंद्र कुशवाहा ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि अगर राज्य सरकार आरक्षण का दायरा बढ़ा देती है तो किसी व्यक्ति द्वारा कोर्ट जाने पर मामला फंस सकता है। उन्होंने कहा कि बिहार निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर यही स्थिति देखने को मिला था। उन्होंने झारखंड सरकार द्वारा आरक्षण के दायरा को बढ़ाए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि हमारी सरकार भी इस विषय पर पूरी तरह से आकलन कर कोई फैसला लेगी। उपेंद्र कुशवाहा ने यह भी कहा कि हम ऐसी व्यवस्था चाहते हैं ताकि भविष्य में किसी के द्वारा अदालत में इसके खिलाफ याचिका दायर करने पर बढ़ाए गए आरक्षण पर आंच ना आ सके।

केंद्र सरकार भी करे आरक्षण का दायरा बढ़ाने की पहल: उपेंद्र कुशवाहा
जदयू के वरिष्ठ नेता और संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने एनबीटी से बात करते हुए कहा कि अगड़ी जाति से आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को, 10 प्रतिशत का आरक्षण देने का केंद्र सरकार के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी मुहर लगा दी है। ऐसे में अब केंद्र सरकार को चाहिए कि वह OBC के आरक्षण का दायरा बढ़ाने को लेकर भी पहल करें। ताकि केंद्र सरकार की नौकरियों में भी पिछड़ा, अति पिछड़ा वर्ग के लोगों को आरक्षण का लाभ मिल सके। अगर केंद्र की सरकार आरक्षण का दायरा बढ़ाने को लेकर कोई कदम उठाती है तो उनकी सरकार इस मामले में केंद्र सरकार के साथ खड़ी रहेगी।

जानिए क्या है बिहार में आरक्षण की स्थिति
वर्तमान समय में बिहार में आरक्षण की जो स्थिति है, उसके अनुसार अनुसूचित जाति को 16 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति को 1 प्रतिशत, अत्यंत पिछड़ा वर्ग को 18 प्रतिशत और पिछड़ा वर्ग को 12 प्रतिशत का आरक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा यह भी बता दें कि NDA के शासनकाल में बिहार देश का पहला राज्य बना था, जहां निजी कंपनियों को भी आरक्षण के दायरे में ले आया गया था। बिहार सरकार के इस फैसले के बाद आउटसोर्स करने वाली निजी कंपनियां भी नए नियम के अनुसार SC/ST, पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा, निःशक्त और महिलाओं के लिए बनाए गए आरक्षण के प्रावधान को लागू करना अनिवार्य हो गया है।

जानिए झारखंड में किस तरह होगी नई आरक्षण व्यवस्था
बिहार से अलग होकर नए प्रदेश के रूप में स्थापित होने वाले झारखंड की हेमंत सरकार ने प्रदेश में आरक्षण का दायरा बढ़ा दिया है। अब झारखंड में एससी-एसटी (SC/ST), ओबीसी (OBC), ईबीसी (EBC) को 67 प्रतिशत और ईडब्ल्यूएस (EWS) को 10 प्रतिशत का आरक्षण यानी कुल मिलाकर आरक्षण का दायरा 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 77 प्रतिशत कर दिया गया है। वर्तमान में झारखंड में एसटी (ST) को 26 प्रतिशत आरक्षण मिलता है, जबकि एससी (SC) को 10 प्रतिशत और ओबीसी (OBC) को 14 प्रतिशत आरक्षण मिलता है। इसके अलावा झारखंड द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के लिए आरक्षण, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिया गया है। अब जबकि झारखंड सरकार ने आरक्षण का दायरा बढ़ा दिया है तो इसके मुताबिक अब स्थानीय अनुसूचित जाति (SC) को 12 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति (ST) को 28 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इसके साथ ही अति पिछड़ा वर्ग (EBC) को 15 प्रतिशत और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 12 प्रतिशत का आरक्षण लाभ मिलेगा। इसके अलावा ईडब्ल्यूएस (EWS) को भी 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।

बीजेपी ने की बिहार में भी आरक्षण का दायरा बढ़ाने की मांग
झारखंड में आरक्षण का दायरा बढ़ाया जाने के बाद बीजेपी ने बिहार में भी आरक्षण का दायरा बढ़ाए जाने की मांग की है। बीजेपी प्रवक्ता और पूर्व विधायक प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि बिहार में पिछड़ा अति पिछड़ा वर्ग को जो आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए था, वह नहीं मिल पा रहा। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में भी पिछड़ों के आरक्षण का हक मारा गया। रंजन पटेल ने कहा कि नीतीश कुमार भी आरक्षण का दायरा बढ़ाने के पक्ष में अपना बयान दे चुके हैं। अब जबकि पड़ोसी राज्य झारखंड में भी आरक्षण का दायरा बढ़ाया जा चुका है तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी इस मामले में पहल करनी चाहिए और बिहार में भी नई आरक्षण व्यवस्था को लागू करना चाहिए।

Source link

viagra kullananlar