Saturday, November 28, 2020
Home BPSC सिविल सेवा लोक प्रशासन (वैकल्पिक विषय)

[सिलेबस] लोक प्रशासन (वैकल्पिक विषय)

बिहार लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम – लोक प्रशासन (वैकल्पिक विषय)

खण्ड- I (Section – I)

प्रशासनिक सिद्धान्त (Administrative Theory)

1. मूल अवधारणाएँ- लोक प्रशासन का अर्थ, विस्तार तथा महत्व, निजी प्रशासन तथा लोक प्रशासन, विकसित और विकासशील समाज में इसकी भूमिका, प्रशासन की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और विविध परिस्थितियाँ, लोक प्रशासन का एक शास्त्र के रूप में विकास, लोक प्रशासन एक कला एवम् एक विज्ञान के रूप में नया लोक प्रशासन।

2. संगठन के सिद्धांत- वैज्ञानिक प्रबन्ध (टेलर और उसके साथी), नौकरशाही संगठन का सिद्धांत (बेबर), आदर्श संगठन का सिद्धान्त (हेनरी फयोल, लूथर गुलिक तथा अन्य), मानव संगठन सम्बन्धी सिद्धांत (एलटोन मायो और उसके साथी), व्यावहारिक दृष्टिकोण, व्यवस्था, दृष्टिकोण, संगठनात्मक प्रभावशीलता।

3. संगठन के सिद्धांत- सोपान के सिद्धांत, ऐकि आदेश, प्राधिकार और उत्तरदायित्व समन्वय नियंत्रण का विस्तार, पर्यवेक्षक, केन्द्रीकरण और विकेन्द्रीकरण, प्रत्यायोजन।

4. प्रशासनिक व्यवहार- हर्बर्ट साइमन के योगदान के विशेष संदर्भ में निर्णय लेना, नेतृत्व के सिद्धांत, संचार मनोबल प्रेरणा (मैस्लो और हर्जबर्ग)।

5. संगठन संरचना- मुख्य कार्यकारी, मुख्य कार्यकारी के प्रकार और उनके कार्य, सूत्र और स्टाफ एवम् सहायक एजेन्सियाँ, विभाग, निगम कम्पनी, बोर्ड और आयोग, मुख्यालय और क्षेत्रीय संबंध।

6. कार्मिक प्रशासन- नौकरशाही और सिविल सेवा, पद वर्गीकरण, भत्र्ती, प्रशिक्षण, वृत्ति विकास कार्य का मूल्यांकन, पदोन्नति, वेतन तथा सेवा शर्तें, सेवानिवृत्ति लाभ, अनुशासन, नियोक्ता कर्मचारी सम्बन्ध, प्रशासन में सत्यनिष्ठा, सामान्यक्ष और विशेषज्ञ, तटस्थता और अनमिता।

7. वित्तीय प्रशासन- बजट की संकल्पनाएँ, बजट तैयार करना और उसका कार्यान्वयन, निष्पादन, बजट, विधायी नियंत्रण, लेखा और परीक्षण।

8. उत्तरदायित्व तथा नियंत्रण, उत्तरदायित्व और नियंत्रण की संकल्पनाएँ, प्रशासन पर विधायी, कार्यकारी और न्यायिक नियंत्रण, नागरिक तथा प्रशासन।

9. प्रशासनिक सूत्रधार- संगठन एवं पद्धति, कार्य अध्ययन, कार्यमापन, प्रशासनिक सुधार प्रक्रिया और अवरोध।

10. प्रशासनिक कानून- प्रशासनिक कानून का महत्व, प्रत्योजित विधान, विधान अर्थ प्रकार, लाभ, सीमाएँ, सुरक्षा उपाय, प्रशासनिक अधिकरण।

11. तुलनात्मक एवं विकास प्रशासन- अर्थ स्वरूप और विस्तार, सांक्षेत्रिक साल, माॅडल के विशेष संदर्भ में फ्रेड रिम्स का योगदान, प्रशासन में विकास की संकल्पना, विस्तार और महत्व, राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ में प्रशासन का विकास, प्रशासनिक विकास की संकल्पना।

12. लोक नीति- लोक प्रशासन में नीति निर्धारण की प्रासंगिकता, नीति निर्धारण करने की प्रक्रियाएँ और कार्यान्वयन।

खण्ड- II (Section – II)

भारतीय प्रशासन (Indian Administration)

1. भारतीय प्रशासन का विकास- कौटिल्य, मुगल युग, अंग्रेजी युग।

2. परिस्थितिजन्य परिवेश- संविधान संसदीय प्रजातंत्र, संघवाद, योजना, समाजवाद।

3. संघ स्तर पर राजनीतिक कार्यपालिका- राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद्, मंत्रिमंडल समितियाँ।

4. केन्द्रीय प्रशासन की संरचना- सचिवालय, मंत्रिमंडल सचिवालय, मंत्रालय और विभाग, बोर्ड और आयोग, क्षेत्रीय संगठन।

5. केन्द्र-राज्य सम्बन्ध- विधायी, प्रशासनिक, योजना और वित्तीय।

6. लोक सेवाएँ- अखिल भारतीय सेवाएँ, केन्द्रीय सेवाएँ, राज्य सेवाएँ, स्थानीय सिविल सेवाएँ, संघ और राज्य लोक सेवा आयोग, सिविल सेवाओं का प्रशिक्षण।

7. योजना तन्त्र- राष्ट्रीय स्तर पर योजना निर्धारण, राष्ट्रीय विकास परिषद्, योजना आयोग, राज्य-जिला स्तर पर योजना तन्त्र।

8. लोक उपक्रम, स्वरूप, प्रबन्ध, नियंत्रण और समस्याएँ।

9. लोक व्यय का नियंत्रण- संसदीय नियंत्रण, वित्त मंत्रालय की भूमिका, नियंत्रक तथा महालेखा परीक्षक।

10. बिहार में कानून और व्यवस्था सम्बन्धी प्रशासन, कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिये केन्द्रीय और राज्य एजेंसियों की भूमिका।

11. राज्य प्रशासन बिहार के विशेष संबंध में- राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद्, सचिवालय, मुख्य सचिव, निदेशालय।

12. जिला तथा स्थानीय प्रशासन बिहार के विशेष सन्दर्भ में- भूमिका और महत्व, जिला समाहत्र्ता, भू-राजस्व, कानून तथा व्यवस्था और उसके विकास सम्बन्धी कार्य, जिला ग्रामीण विकास एजेंसी, विशेष कार्यक्रम।

13. स्थानीय प्रशासन बिहार के विशेष सन्दर्भ में- पंचायती राज और शहरी स्थानीय सरकार, विशेषताएँ, स्वरूप, समस्याएँ, स्थानीय निकायों की स्वायतता।

14. बिहार में कल्याण कार्य हेतु प्रशासकीय व्यवस्था- कमजोर वर्गों के लिये, विशेषकर अनुसूचित जातियों एवं आदिम जातियों के कल्याण के लिये प्रशासकीय व्यवस्था, महिलाओं तथा बालकों के कल्याण के लिए कार्यक्रम।

15. भारतीय प्रशासन व्यवस्था में विवादस्पद मुद्दे- राजनैतिक तथा स्थायी कार्यपालकों के बीच सम्बन्ध, प्रशासन कार्यों में सामान्य तथा विशेषज्ञों की भूमिका, प्रशासन में सत्यनिष्ठा, प्रशासनिक कार्यों में जनता की सहभागिता, नागरिक शिकायतों को दूर करना, लोकपाल और लोक आयुक्त, भारत में प्रशासनिक सुधार।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

लोकप्रिय

बिहार समाचार (संध्या): 23 नवम्बर 2020 AIR (Bihar News + Bihar Samachar + Bihar Current Affairs)

घर बैठे BPSC परीक्षा की तैयारी: https://definitebpsc.com/ Industrial Dispute in Hindi: https://www.youtube.com/watch?v=y3W56i3zkds हमारा Telegram चैनल - https://t.me/DefiniteBPSC हमारा फेसबुक पेज लाइक करिये - https://www.facebook.com/definitebpsc/ इन्टरनेट से किताबें यहाँ से लें - https://amzn.to/2JS0YJI केवल गंभीर परीक्षार्थियों के लिये. ध्यान से सुनिये और नोट्स बना लें. न्यूज़ को 3 से...

Examination Program: 31st Bihar Judicial Services (Prelim)

Examination Program: 31st Bihar Judicial Services (Preliminary) Competitive Examination. : http://bpsc.bih.nic.in/Advt/NB-2020-11-13-03.pdf नोटिस के लिए यहाँ क्लिक करें BPSC वेबसाइट के लिए यहाँ क्लिक करें

[सिलेबस] अरबी भाषा और साहित्य (वैकल्पिक विषय)

बिहार लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम - अरबी भाषा और साहित्य (वैकल्पिक विषय) खण्ड- I (Section - I) 1. (क) अरबी भाषा का उद्भव और विकास (रूप रेखा)(ख) अरबी भाषा व्याकरण, अंलकार-शास्त्र तथा छन्द शास्त्र की प्रमुख...

[सिलेबस] इतिहास (वैकल्पिक विषय)

बिहार लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम - इतिहास (वैकल्पिक विषय) खण्ड- I (Section - I) भाग (क) - भारत का इतिहास (760 ईसवी सन् तक) 1. सिन्धु सभ्यता उद्गम, विस्तार, प्रमुख विशेषताएँ, महानगर,...