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[सिलेबस] दर्शनशास्त्र (वैकल्पिक विषय)

बिहार लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम – दर्शनशास्त्र (वैकल्पिक विषय)

खण्ड- I (Section – I)

तत्वमीमांसा और ज्ञानमीमांसा

उम्मीदवारों से अपेक्षा की जाती है कि उन्हें निम्नलिखित विषयों के विशेष सन्दर्भ में- भारतीय और पाश्चात्य ज्ञानमीमांसा तथा तत्व मीमांसा के सिद्धांतों तथा प्रकारों की जानकारी होः-

(क) पाश्चात्य-आदर्शवाद, यथार्थवाद, निरपेक्षवाद, इंदियानु भववाद, तर्कबुद्विबाद, तार्किक प्रत्यक्षवाद, विश्लेषण संवत्तिशास्त्र अस्तित्ववाद और अथोक्रियावाद।

(ख) भारतीय- प्रमाण और प्रमाण्य, सत्य और त्रुटि के सिद्धांत, भाषा और अर्थ का दर्शन, दर्शन की प्रमुख पद्धतियाँ (रूढ़िवाद और रूढ़िमुक्त) प्रणालियों के सन्दर्भ में यथार्थवाद के सिद्धांत।

खण्ड- II (Section – II)

सामाजिक राजनैतिक दर्शन और धर्म दर्शन

(1) दर्शन का स्वरूप, इसका जीवन विचार और संस्कृति से संबंध।

(2) भारत के सारे, विशेषकर भारतीय संविधान के विशेष सन्दर्भ में निम्नलिखित विषय, जिनमें भारतीय संविधान सम्मिलित हो- राजनीतिक विचारधाराएँ, प्रजातंत्र, समाजवाद, फासिस्टवाद, धर्मतंत्र साम्वाद और सर्वोदय। राजनीतिक क्रियाविधि की पद्धतियाँ, संविधानवाद, क्रांति, आतंकवाद और सत्याग्रह।

(3) भारतीय सामाजिक संस्थाओं के संदर्भ में परम्परा, परिवर्तन और आधुनिकता।

(4) धार्मिक भाषा और अर्थ का दर्शन।

(5) धर्म दर्शन का स्वरूप और क्षेत्र, बौद्ध धर्म, जैन धर्म, हिन्दु धर्म, इस्लाम धर्म, ईसाई धर्म और सिक्ख धर्म के विशेष सन्दर्भ में धर्म का दर्शन।

(क) धर्मशास्त्र और धर्म दर्शन।
(ख) धार्मिक विश्वास के आधार पर तर्कन, रहस्योद्घाटन, निष्ठा और रहस्यवाद।
(ग) ईश्वर, आत्मा की अमरता, मुक्ति और बुराई तथा पाप की समस्या।
(घ) धर्म की समानता, एकता और सर्वव्यापकता, धार्मिक सहिष्णुता धर्म परिवर्तन धर्म निरपेक्षता।

(6) मोक्षा- मोक्ष प्राप्ति के पक्ष।

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