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[सिलेबस] विधुत इंजीनियरिंग (वैकल्पिक विषय)

बिहार लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम – विधुत इंजीनियरिंग (वैकल्पिक विषय)

खण्ड- I (Section – I)

जाल तंत्र– निर्दिष्ट धारा और प्रत्यावत्र्ती धारा जाल की स्थायी अवस्था का विश्लेषण, जाल-प्रमेय, आब्यूह बीच गणित, जाल प्रकार्य क्षणिक अनुक्रिया, आवृत्ति अनुक्रिया, लाप्लाॅस रूपान्तर, फूरियर क्षेणी और फूरियर रूपांतर, आवृत्ति स्पैक्ट्राई, ध्रुव शून्य संकल्पन, प्रारम्भिक जाल अंश्लेशण। स्थिति विज्ञान और चुम्बक विज्ञान।

स्थिर विद्युत् और स्थिर चुम्बकीय क्षेत्रों का विश्लेषण, लाप्लास और प्यासों समीकरण, परिसीमा, मान समस्याओं का हल, मेक्सवेल समीकरण, विद्युत चुम्बकीय तरंग सुचारण, भू और आकाश तरंगें, भू-केन्द्र और उपग्रह के बीच संचारण।

माप-मापन की आधारभूत पद्धतियाँ, मानक त्रुटि विश्लेषण सूचक यंत्र, कैथोड-रे आसिलोस्कोप, वोल्टेज, मापन धारा, प्रतिरोध, प्रेरकत्व, धारिता समय, आवृत्ति और फुलक्स, इलेक्ट्राॅनिक मोटर।

इलेक्ट्रॉनिकी- निर्यात और अर्द्धचालक युक्तियाँ, समकक्ष परिपथ, ट्रांजिस्टर पैरामीटर, धारा और वोल्टेज लब्धि और निवेश तथा निगम प्रतिबाधाओं का निर्धारण अभिनतन, प्रविधि, एकल और बहुचरण अन्य रेडियो लघु संकेत तथा वृहत् संकेत प्रवर्धक और उनका विश्लेषण, पुनभरण प्रवर्धक और दोलित तरंग, रूपण परिपथ और समायाधार जनित्र, विभिन्न प्रकार के बहुकंपित और उनके प्रायोगअंकी परिपथ।

विद्युत मशीन- पूर्वी यंत्रों में ई॰एम॰एफ॰, एम॰एम॰एफ॰ और आसूगेन का जनन निष्ट धारा तुल्य मकालिक और प्रेषक मशीनों के लीडर और जनित्र सम्बन्धी लक्षण तुल्य परिपत्र दिनपरिर्वतन पोश्र्य, प्रचाजन, शक्ति ट्रांसफरमर के फजर आरेख और तुल्य परिपथ कार्य निष्पादन और दक्षता का निर्धारण आटो ट्रांसफरमर, त्रिपल ट्रांसफरमर।

खण्ड- II (Section – II)

भाग ‘‘क’’

नियंत्रण प्रणाली- गतिक रेसिक नियंत्रण प्रणालियों का गणितीय निर्देशन, ब्लाक आरेख और संकेत प्रवाह आलेख, क्षणिक अनुक्रिया स्थायी तथा त्रुटियाँ, स्थायित्व, आवृत्ति अनुक्रिया प्रविष्टियाँ, मल बिन्दु पथ प्रविष्टियाँ श्रेणी प्रतिकरण।

औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिकी- एक कलीय और बहू कलीय परिशोधकों के सिद्धान्त और अभिकल्पन नियंत्रित परिशोधन, मसणधारी फिल्टर, नियमित शक्ति प्रदाय चालय हेतु गति नियंत्रण परिपथ प्रतीपक, दिष्ट धारा के
प्रयावर्ती धारा में रूपांतरण, चैपर काँच, नियमक और वेल्डिंग परिपथ।

भाग ‘‘ख’’

गुरू धाराएँ वैद्युत् मशीनें- प्रेरण मशीनों-घूर्णी चुम्बकीय क्षेत्र बफहुलीय मोटर, प्रचालन सिद्वान्त फेजर आरेख, बल आरण आघूर्ण सर्मण विशेषता तुल्य परिपथ और इसके प्राचल निर्धारण, वृत्त आरेख, प्रवर्तक गति नियंत्रण, द्विपंजर मोटर, प्रेरण जनित्र, सिद्वान्त, फेजर आरेख, एक कलीय मोटरों की विशेषताएँ और अनुप्रयोग द्विकलीय प्रेरण और मोटर का अनुप्रयोग।

तुल्कालिक मशीन- ई॰एम॰एफ॰ समीकरण फेजर और वृत्त आरेख अपरिमित ‘‘वस’’ पर प्रचालन तुल्कालिक शक्ति, प्रचालन विशेषता और विभिन्न पद्धतियों द्वारा निष्पादन, आकस्मिक लघु परिपथ और मशीन प्रतिघात और काल स्थिरता निर्धारित करने हेतु दोलन लेख का विश्लेषण, मोटर विशेषताएँ और कार्य निष्पादन प्रवर्तन पद्वति अनुप्रयोग।

विशेष मशीन- एम्पलीडाइन और मेटाडाइन प्रचालन विशेषताएँ और उनके अनुप्रयोग।

शक्ति प्रणाली और रक्षण- विभिन्न प्रकार के शक्ति केन्द्रों की सामान्य रूप-रेखा और अर्थ प्रबंध आधार- भार, शिखर भार और पंपित पंडारण सयंत्रदृष्ट धारा और प्रत्यावर्ती धारा शक्ति वितरण को विभिन्न प्रणालियों की अर्थव्यवस्था, संचरण शक्ति प्रचलन परिकलन, जी॰एम॰डी॰ की संकल्पना, लघु मध्यम और दीर्घ संरचना यंत्रि विद्युत् रोधक, विद्युत् रोधकों की किसी रज्जू में वोल्टेज का वितरण और श्रे गोचन, विद्युत् रोधकों प्रवातावरणी प्रभाव, समामित घटकों द्वारा परिकलन, भार प्रवाह विश्लेषण और किफायती प्रचालन, स्थायी दशा और क्षणिक स्थायित्व दोष, विलोयन की स्विच गिअर पद्वतियाँ, पुनः प्रवर्तन और उपलब्धि वोल्टेज, परिपथ विच्छेदक परीक्षण, रक्षी रिले शक्ति प्रणाली उपस्कर हेतु लक्षी योजना, संचरण लाइनों में सी॰टी॰ और पी॰टी॰ महोर्मियां, प्रगामी तरंग और रक्षण।

उपयोग- औद्योगिक परिचालन विविध परियोजनाओं के लिए वैद्युत् मीटर और उनके अनुमतांक का आकलन, प्रारम्भ होते समय मोटरों का त्वरण, ब्रेक और उत्क्रमण प्रचालनों में मोटर का आचरण, दिष्ट धारा प्रेरण मोटर हेतु नियंत्रण की योजना, रेल संकर्षण की विभिन्न प्रणालियों की अर्थव्यवस्था और अन्य पहलू, रेलगाड़ी आवागमन की यांत्रिकी शक्ति और ऊर्जा की जरूरतों तथा मोटर अनुमतांकों का आकलन संकर्षण मीटरों की विशेषताएँ परावैद्युतीय और प्रेरणा तापन।

अथवा भाग ‘‘ग’’ (प्रकाश धाराएँ)

संचार प्रणालियों आयाम का प्रजनन और संसूचन- कला दीक्षीविल, माडुलक और विमाडुलक का प्रयोग करते हुए आयाम आवृति कला और स्पंद माडुलोर सिग्नलों का जनन और संसूचन, माडुलिक प्रणालियों की तुलना एवं समस्याएँ, प्रणाली दक्षता, प्रतिचयन प्रमेय, ध्वनि और दर्शन प्रसारण, संचारण और अभिग्राही प्रणालियाँ एंटेना, भरकों और अभिप्राही परिपथ, श्रव्य स्थित संचरण रेखा, रेडियो और परा उच्च आवृत्तियाँ।

सूक्ष्म तरंग- निदेशित साधनों में वैद्युत् चुम्बकीय तरंग- तरंग निर्देशी घटक कोटर अनुवादक, सुक्ष्म तरंग नल और ठोस अवस्था युक्तियाँ, सुक्ष्म तरंग जनित्र और प्रबंधक, फिल्टर सुक्ष्म तरंग मापन पद्धतियाँ, सुक्ष्म तरंग विकिरण पैटर्न, संचार और एंटेना प्रणालियाँ- नीचैलन रेडियो सहायकता।

विष्ट धारा प्रवर्धक – प्रत्यक्ष युग्मित प्रबंधक, भेद प्रवर्धक, धापधर और अनुरूप अभिफलन।

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