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BPSC ने परीक्षा में सुधार के लिए बनाई नई रणनीति: अभ्यर्थियों के सामने प्रश्न पत्र खुलेंगे, आंसरशीट भी सामने ही सील होगी

बिहार लोक सेवा आयोग की 67वीं पीटी परीक्षा का पेपर आउट होने से सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। अब इससे बचने के लिए आयोग ने कई फैसल लिए हैं। आयोग के नए चेयरमैन अतुल प्रसाद ने भास्कर को बातचीत में बताया कि हम लोगों ने पाया कि पीटी जैसी परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आते हैं। इसकी वजह से परीक्षा अब दो शिफ्ट यानी दो दिनों में ली जाएगी। इसका कॉमन मेरिट लिस्ट परसेंटाइल सिस्टम से निकाला जाएगा। ऐसा परिवर्तन बीपीएससी पहली बार कर रहा है। बता दें कि इस बार बीपीएससी पीटी में छह लाख से अधिक अभ्यर्थी हैं।

परीक्षा में सुधार को लेकर बीपीएससी के नए फैसले

  • अभ्यर्थी एक घंटे पहले अपनी सीट पर बैठ जाएंगे।
  • पीटी परीक्षा पहली बार दो दिन ली जाएगी और परसेंटाइल सिस्टम से रिजल्ट दिया जाएगा।
  • परीक्षा केन्द्र पर जैमर लगाए जाएंगे।
  • ऑनलाइन आवेदन के बाद हार्ड कॉपी में आवेदन भेजने की जरूरत अब नहीं।.
  • कैंडिडेट के सामने ही केन्द्र में प्रश्न पत्र खोले जाएंगे। किसी अन्य कमरे में अनशिल्ड नहीं होंगे।
  • पीटी परीक्षा के बाद एक बार अभ्यर्थियों को ऐच्छिक विषय बदलने का मौका मिलेगा।
  • परीक्षा केन्द्र पर अभ्यर्थी की बायोमेट्रिक जांच होगी।
  • ओएमआर को चेक करने वाले सॉफ्टरवेयर की उसी तरह से जांच होगी जैसे वोटिंग से पहले मॉक पोल कर इवीएम की जांच होती है।
  • सक्सेसफुल कंडिडेट का रिजल्ट देने के पहले बायोमेट्रिक से, फोटो से तय करेंगे कि कंडिडेट सही है कि नहीं। पीटी, मेंस, इंटरव्यू में एक ही कैंडिडेट्स है कि नहीं। सभी के फोटो आदि का मिलान किया जाएगा।
  • सफल अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट, मेंस की कॉपी नए इंडिपेंडेंट टीम से चेक कराई जाएगी।
  • प्रश्न पत्र या जो भी चीजें परीक्षा केन्द्र में जाएंगे और जो भी चीजें वापस आएंगी वे सब ट्रंक में ले जाई जाएगी और ट्रंक में ही वापस लाई जाएगी। इसमें स्मार्ट लॉक लगाया जाएगा। बीपीएससी कंट्रोल रुम में बैठे-बैठे जाना जा सकेगा कि कहां पर लॉक खोला गया है।
  • हर सेंटर के लिए कॉपी चिन्हित होगी।
  • परीक्षा खत्म होने के बाद 15 मिनट और रुकेंगे अभ्यर्थी। इनके सामने ही आंसरशीट को सील किया जाएगा।
  • सफल पीटी कैंडिडेट की ओएमआर शीट वेबसाइट पर डाली जाएगी।
  • मेंस में सफल अभ्यर्थियों की कॉपी भी वेबसाइट पर डाली जाएगी। इवेलुएशन के बाद की कॉपी भी वेबसाइट पर डाली जाएगी। इस तरह की कॉपियां सिर्फ कंडिटेट ही देख सकेंगे। इससे आयोग आरटीआई में जवाब देने से बच सकेगा।

लोहार जाति के अभ्यर्थी का मामला

लोहार जाति से जुड़ी मामले के बारे में चेयरमैन अतुल प्रसाद ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा लोहार जाति के अभयर्थियों को अनुसूचित जनजाति से अतिपिछड़ा में शामिल करने से जो सीट खाली हुई है उसे अनुसूचित जनजाति के पैनल से मौका दिया जा रहा है। वेट लिस्ट से तीन गुणा कॉल करके चयन किया जाएगा।

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