Homeबिहार के अखबारों मेंउत्तर बिहार का पहला पर्यटनस्थल बनेगा बायोडाइवर्सिटी पार्क भीमलपुर जंगल

उत्तर बिहार का पहला पर्यटनस्थल बनेगा बायोडाइवर्सिटी पार्क भीमलपुर जंगल

केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव एसके जैन व वारिद गुप्ता ने सोमवार को ऐतिहासिक भीमलपुर जंगल का निरीक्षण करने के बाद उसे पर्यटक स्थल व बायोडाइवर्सिटी पार्क के रूप में विकसित करने की योजना को हरी झंडी दे दी है। उत्तर बिहार में यह पहला पर्यटनस्थल होगा, जहां पर्यटक जैव विविधता के साथ नौकायन व प्रवासित पशु पक्षियों के साथ स्वच्छ व प्रदूषण रहित वातावरण का आनंद लेंगे। अगर वे रुकना चाहे तो सम्पूर्ण सुविधायुक्त आवास भी उपलब्ध होगा। निरीक्षण के दौरान यह भी संकेत मिला कि इस जंगल को संयुक्त चंपारण में अवस्थित वाल्मीकिनगर अभयारण्य के बाद यह जंगल दूसरे अभयारण्य के रूप में विकसित हो सकता है। संयुक्त सचिव के सकारात्मक रुख को देखने के बाद जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक काफी खुश नजर आए।

उन्होंने अपने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि उनका यह ड्रीम प्रोजेक्ट है। वन विभाग से शीघ्र ही अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के साथ ही इस प्रोजेक्ट पर कार्य प्रारंभ हो जाएगा। कार्य को एक वर्ष के अंदर पूर्ण करने का उन्होंने लक्ष्य निर्धारित किया है। चंपारण के लिए यह सौभाग्य की बात है कि उत्तर बिहार में पर्यटन स्थलों के विकास का आगाज ऐतिहासिक भूमि मेहसी से हो रहा है। भीमलपुर जंगल के भ्रमण व निरीक्षण करने के पश्चात संयुक्त सचिव एसके जैन ने अधिकारियों व ग्रामीणों के साथ बैठक कर जंगल की भौगोलिक स्थिति, इतिहास और अन्य संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक व एसडीएम एसएस पाण्डेय ने उनके साथ विस्तार से जंगल के सभी पहलुओं पर जानकारी साझा की। कहा कि बायोडाइवर्सिटी पार्क व टूरिज्म के विकास को लेकर यह स्थल काफी अनुकूल है। जब टूरिज्म का विकास होगा तो रोजगार के बड़े अवसर प्राप्त होंगे। जल जीवन हरियाली अभियान के तहत जल संचयन व संरक्षण, प्लांटेशन व पर्यावरण संरक्षण की दिशा में डीएम का यह अच्छा प्रयास है। कार्यक्रम का संचालन अनुमंडल पदाधिकारी एसएस पाण्डेय ने किया। इस क्रम में मुखिया अनिता कुमारी ने संयुक्त सचिव समेत सभी अधिकारी को शॉल व बुके देकर सम्मानित किया। संयुक्त सचिव ने जिलाधिकारी के साथ जंगल में दर्जनभर से अधिक पौधे भी लगाए।

संयुक्त सचिव ने मनरेगा के जल संचयन व पौधा सरंक्षण को लेकर किए गए कार्यो का किया निरीक्षण मेहसी : भारत सरकार के संयुक्त सचिव एसके जैन ने के भीमलपुर जंगल, कोठियां हरेराम व कनकटी में जल संचयन व संरक्षण के साथ साथ गार्जियन ट्री के सुरक्षा को लेकर किए गए प्रयास का भी गंभीरता से निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यक्रम पदाधिकारी संतोष कुमार से जल जीवन हरियाली के तहत किए गए अब तक कर प्रगति की जानकारी हासिल की व संतुष्ट नजर आए। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार द्वारा प्राप्त दिशा निर्देशों का अक्षरश: पालन करते हुए शीघ्र लक्ष्य को प्राप्त करने का आदेश दिया।

पर्यटकों को आकर्षित करेगी यह सुविधाएं जल जीवन हरियाली के तहत बायोडाइवर्सिटी पार्क, हैंगिग पुल, जंगल सफारी, जल संरक्षण, जल संग्रहण, प्रवासित पशु पक्षी व वृहत पैमाने पर प्लांटेशन जंगल को तो आकर्षक बनाएगा ही, पर्यटकों को लुभाएगा भी। राष्ट्रपति के चुनाव में शामिल होने के कारण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके विधायक श्यामबाबू यादव ने केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव व जिलाधिकारी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा की उनका यह ऐतिहासिक कदम है। पर्यटन के विकास के साथ ही उन्होंने जंगल को मेहसी, तेतरिया, मधुबन आदि के तरफ से सड़क मार्ग से जोड़ने को लेकर उन्होंने कुल छह सड़को के निर्माण का प्रस्ताव सरकार को दिया था। जिसकी स्वीकृति मिल चुकी है। शीघ्र ही जंगल को जोड़ने वाले इन मार्गो का भी कार्य प्रारम्भ हो जाएगा।

Source link

सम्बंधित लेख →

लोकप्रिय