Home BPSC न्यूज़ BPSC अखबारों में ईओयू ने चेताया था – ये बीएसएससी पेपर लीक में चार्जशीटेड, इसे डीएसपी नहीं बनाएं, लेकिन बीपीएससी ने बहाल कर दिया

ईओयू ने चेताया था – ये बीएसएससी पेपर लीक में चार्जशीटेड, इसे डीएसपी नहीं बनाएं, लेकिन बीपीएससी ने बहाल कर दिया

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ईओयू ने चेताया था – ये बीएसएससी पेपर लीक में चार्जशीटेड, इसे डीएसपी नहीं बनाएं, लेकिन बीपीएससी ने बहाल कर दिया

बीपीएससी प्रश्न पत्र लीक मामले में ईओयू ने मंगलवार को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बिसैप)-14, पटना में तैनात डीएसपी रंजीत कुमार रजक को गिरफ्तार कर लिया। ईओयू की टीम ने रंजीत को सोमवार को ही हिरासत में लिया था और उससे पूछताछ चल रही थी। प्रश्न पत्र लीक मामले में यह सोलहवीं गिरफ्तारी है। सूत्रों के मुताबिक, रंजीत बीपीएससी प्रश्न पत्र लीक मामले का बड़ा और शातिर खिलाड़ी है।

उस पर पहले भी प्रश्न पत्र लीक करने के आरोप लगे हैं। वर्ष 2012 में बीएसएससी पेपर लीक घोटाले में ईओयू ने उसे चार्जशीट किया था। इसके बावजूद वह बीपीएससी की परीक्षा पास कर डीएसपी बन गया। इस बार भी बीपीएससी का प्रश्न पत्र लीक करने वाले गैंग के सदस्यों के साथ लगातार संपर्क में था।

सूत्रों के अनुसार रंजीत के डीएसपी बनने के पहले ईओयू ने बीपीएससी को बता दिया था कि वह बीएसएससी प्रश्न पत्र लीक मामले में चार्जशीटेड हैं और उसे बहाल न किया जाए। इसके बाद भी वह डीएसपी बन गया। सूत्रों के अनुसार सिपाही से लेकर दारोगा भर्ती परीक्षा में उसकी ड्यूटी भी लगती रही है। सरकार अब इस मामले को लेकर बेहद सख्त है कि इतने गंभीर आरोपों के बाद भी वह सात साल से डीएसपी के पद पर कैसे कािबज था।

इस एंगल से भी जांच; दारोगा और सिपाही भर्ती में भी गड़बड़ी करने का डीएसपी पर शक

गया के कॉलेज के प्रिंसिपल शक्ति कुमार से पूछताछ एवं टेक्निकल इंवेस्टिगेशन में रंजीत की भूमिका संदिग्ध पाई गई। रंजीत का शक्ति से लगातार बातचीत के प्रमाण पाए गए हैं। शक्ति प्रश्न पत्र लीक कांड का मुख्य अभियुक्त है। गिरफ्तारी के बाद ईओयू ने रंजीत के जगदेव पथ स्थित वीणा विहार अपार्टमेंट में छापेमारी की। पर, ईओयू के हाथ कुछ खास नहीं आया।

रंजीत के घर का लाइफ स्टाइल देखकर टीम दंग रह गई। घर में करीब पचास की संख्या में पर्स और बैग मिले। दो दर्जन से अधिक महंगे सूट मिले। रंजीत के खिलाफ ईओयू ने बीएसएससी पेपर घोटाले में 30 जून 2014 को चार्जशीट की थी। उस पर ओएमआर शीट को निकाल कर खाली छोड़े गए उत्तर को कलर कर परीक्षा परिणाम को प्रभावित करने का आरोप हैं।

सिपाही और दारोगा भर्ती में रंजीत की क्या भूमिका रही, सुराग तलाशा जा रहा है। 8 मई को प्रश्न पत्र लीक होने के बाद ईओयू ने जब छापेमारी शुरू की तो 11 मई को रंजीत ने अपना मोबाइल तोड़ कर फेंक दिया। वह वर्ष 2019 में गया के नीमचकबथानी में एसडीपीओ रहा है। इसी इलाके में एक पूर्व सीएम का घर है और उन्हीं के कार्यकाल में रंजीत डीएसपी बना था।

बीपीएससी परीक्षा पास करने के पहले बैंक में पीओ था रंजीत
रंजीत डीएसपी बनने के पहले गुवाहाटी में सेंट्रल बैंक में पीओ था। वहां नौकरी करते हुए 2012 में बीएसएससी परीक्षा में गड़बड़ी में अभियुक्त बना। रंजीत के दो भाई भी बीपीएससी परीक्षा पास कर एसडीएम और लेबर इंफोर्समेंट ऑफिसर हैं। वहीं रंजीत ने डीएसपी से अपनी बहन की शादी की है। बहन के नाम से कटिहार में पेट्रोल पंप भी खोला इसका उद्घाटन करने एक कद्दावर नेता गए थे। रंजीत कटिहार का ही रहने वाला है।

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