Home करेंट अफेयर्स अखबारों के सम्पादकीय कृषि में बदलाव (हिन्दुस्तान)

कृषि में बदलाव (हिन्दुस्तान)

कृषि संबंधी तीन विधेयकों के लोकसभा से पारित होते ही देश के अनेक हिस्सों में राजनीति का गरमाना जितना स्वाभाविक है, उतना ही चिंताजनक भी है। किसानों के प्रदर्शन से लाभ कम और नुकसान ज्यादा होता है, अत: नुकसान से बचने की कोशिश हर स्तर पर करते हुए उनका विश्वास जीतना चाहिए। केंद्र सरकार के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन विधेयकों के विरोध में केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने न सिर्फ इस्तीफा दे दिया, बल्कि उनका इस्तीफा स्वीकार भी हो गया है। सरकार ने अपनी ओर से साफ संकेत दे दिया है कि वह इस मामले में पीछे नहीं हटेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि संबंधी विधेयकों की पैरोकारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि जो किसानों से कमाई का बड़ा हिस्सा खुद ले लेते हैं, उनसे किसानों को बचाने के लिए इन विधेयकों को लाना बहुत जरूरी था। उन्होंने यह भी कहा कि ये तीनों विधेयक किसानों के लिए रक्षा कवच बनकर आए हैं। प्रधानमंत्री की भावना के अनुरूप ही किसानों को विश्वास में लेने की जरूरत है। 
सरकार को संवाद के रास्ते पर चलते हुए सभी विरोधियों को आश्वस्त करना चाहिए था, पर जिस तरह से पुरानी सहयोगी पार्टी शिरोमणि अकाली दल को निराश किया गया है, वह अनेक लोगों को चौंकाएगा। अकाली दल अब सरकार से समर्थन वापस लेने की भी घोषणा कर सकता है, हालांकि इससे केंद्र सरकार की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। जिस तरह से विगत के अनेक बदलावों के प्रति केंद्र सरकार दृढ़ रही है, वैसी ही दृढ़ता इस मामले में दिख रही है। दरअसल, पंजाब और हरियाणा की राजनीति किसानों द्वारा संचालित रही है। पार्टियों और नेताओं में खुद को किसान सिद्ध करने की होड़ रहती है, ऐसे राज्य में शिरोमणि अकाली दल के केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर जाने का सीधा अर्थ है कि यह दल किसानों के विरोध को झेलने की स्थिति में नहीं है। लोकसभा में विधेयक के पारित होने से ठीक पहले मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने की बजाय काफी पहले ही विरोध स्वरूप हट जाना चाहिए था। ऐन मौके पर इस्तीफा देने के कारण ही प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों द्वारा यह दुष्प्रचार किया जा रहा है कि किसानों से धान-गेहूं इत्यादि की खरीद सरकार द्वारा नहीं की जाएगी। 
प्रधानमंत्री के इस आश्वासन से किसानों को राहत का एहसास जरूर हुआ होगा। पूरी दुनिया के कृषि बाजार में जो व्यवस्था है, उसे भारत में कमोबेश लागू करना पुरानी मांग है। लेकिन कोई भी बदलाव करते हुए किसानों के हित के साथ-साथ राज्य सरकारों को मंडी से मिलने वाले राजस्व को भी बहाल रखना चाहिए। जो नेता खुद को किसानों का पक्षधर बताते हैं, उन्हें आगे आकर किसानों के लाभ को सुनिश्चित करना चाहिए। कृषि क्षेत्र में खुला बाजार और कंपनियां हमारे देश में नई बात नहीं है, इस खुले बाजार में भी किसानों के हितों की रक्षा करना सरकारों की जिम्मेदारी है। देश में किसानों की बदहाली से सभी वाकिफ हैं, इसलिए उनकी हरेक चिंता का निवारण करना सरकारों का प्राथमिक दायित्व है। यह भी ध्यान रहे, किसानों का शोषण करने वाले लोग विदेश से नहीं आते, यहीं हमारे बीच से खड़े होते हैं। कृषि और कृषकों के दुश्मन दलालों और कंपनियों को स्थानीय स्तर पर ही संगठन की शक्ति से नियंत्रित करना होगा।

Source link


Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by DEFINITE BPSC.

हमारा सोशल मीडिया

29,751FansLike
25,786SubscribersSubscribe

Must Read

Top 5 Sarkari Naukari-23 October 2020: PPSC, BPSC, ABVU, OMC, NIRT एवं अन्य संगठनों में निकली 1100 से अधिक सरकारी नौकरियां

सरकारी नौकरी प्राप्त करने हेतु युवाओं के लिए आज है पंजाब लोक सेवा आयोग (PPSC), बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय...

BPSC 65th Mains 2020: बिहार लोक सेवा आयोग ने 65वीं मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम जारी किया, 25 नवंबर से शुरू होगा एग्जाम

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। BPSC 65th Mains 2020: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने 65वीं संयुक्त मुख्य (लिखित) प्रतियोगिता परीक्षा 2020 की तिथियों...

बगावत के बुरे दौर में पाकिस्तान (हिन्दुस्तान)

पाकिस्तान में जो कुछ हो रहा है, उससे हमें हैरान नहीं, परेशान होना चाहिए। वहां हालात जब कभी भी खराब होते हैं, तो...

हमारी संप्रभुता (हिन्दुस्तान)

सोशल मीडिया साइट्स की निगरानी दिन-प्रतिदिन आवश्यक होती जा रही है। एक संप्रभु देश की आजादी और उदारता के साथ ट्विटर ने जो...

Related News

Top 5 Sarkari Naukari-23 October 2020: PPSC, BPSC, ABVU, OMC, NIRT एवं अन्य संगठनों में निकली 1100 से अधिक सरकारी नौकरियां

सरकारी नौकरी प्राप्त करने हेतु युवाओं के लिए आज है पंजाब लोक सेवा आयोग (PPSC), बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय...

BPSC 65th Mains 2020: बिहार लोक सेवा आयोग ने 65वीं मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम जारी किया, 25 नवंबर से शुरू होगा एग्जाम

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। BPSC 65th Mains 2020: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने 65वीं संयुक्त मुख्य (लिखित) प्रतियोगिता परीक्षा 2020 की तिथियों...

बगावत के बुरे दौर में पाकिस्तान (हिन्दुस्तान)

पाकिस्तान में जो कुछ हो रहा है, उससे हमें हैरान नहीं, परेशान होना चाहिए। वहां हालात जब कभी भी खराब होते हैं, तो...

हमारी संप्रभुता (हिन्दुस्तान)

सोशल मीडिया साइट्स की निगरानी दिन-प्रतिदिन आवश्यक होती जा रही है। एक संप्रभु देश की आजादी और उदारता के साथ ट्विटर ने जो...

[BPSC आधिकारिक घोषणा] Examination Program: 65th Combined Main (Written) Competitive Examination.

Examination Program: 65th Combined Main (Written) Competitive Examination. : http://bpsc.bih.nic.in/Advt/NB-2020-10-22-01.pdf नोटिस के लिए यहाँ क्लिक करें BPSC वेबसाइट के लिए यहाँ क्लिक करें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here