आग से सबक (हिन्दुस्तान)

अहमदाबाद के एक निजी अस्पताल में आग का लगना जितना शर्मनाक है, उससे कहीं अधिक दुखद है वहां कोविड-19 के मरीजों की मौत। आग अस्पताल के सामान्य वार्ड में नहीं, बल्कि आईसीयू में लगी। आग दिन में नहीं, बल्कि रात तीन बजे लगी, जब ज्यादातर मरीज नींद में थे। यह अत्यंत हृदय विदारक घटना है, करीब 35 मरीजों को बचा लिया गया, पर आठ मरीज ऐसे थे, जो भागने या बचाए जाने की स्थिति में नहीं थे। आग की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है, लेकिन वह इतनी तेज थी कि उसने लोगों को बचाव का ज्यादा मौका नहीं दिया। मुआवजे की घोषणा हो गई है, पर जीवन और कोविड अस्पतालों की विश्वसनीयता को जो क्षति पहुंची है, उसकी भरपाई कैसे होगी? जिस अस्पताल में आग लगी, वह ज्यादा बड़ा नहीं था, महज 50 बिस्तरों वाले अस्तपाल में भी इंतजाम पूरे नहीं थे। देश के बडे़ शहरों में अगर ऐसी लापरवाही या कोताही के साथ अस्पताल चल रहे हैं, तो छोटे शहरों और कस्बों के अस्पतालों में कितनी लापरवाही हो रही होगी? ऐसी घटनाएं सबक की तरह हैं। इसी बहाने देश के सभी अस्पतालों में तमाम मूलभूत इंतजामों पर गौर कर लेना चाहिए। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में छोटी-छोटी लापरवाहियों के लिए भी कोई जगह नहीं होनी चाहिए। जब कोई मरीज अस्पताल पहुंचता है, तो वह खुद को डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधकों के हाथों सौंप देता है। अस्पताल एक भरोसा है कि वहां अच्छी देखभाल होगी। सब यही मानते हैं, लेकिन जब भरोसा टूटता है, तो पूरे स्वास्थ्य क्षेत्र पर उसका असर पड़ता है। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गृह राज्य में हुई मौतों पर शोक जताया है। मुख्यमंत्री और शहर के मेयर से भी चर्चा की है। बेशक, कोरोना के समय अस्पतालों में हो रही कमी को उच्च स्तर पर देखने की जरूरत है। कोरोना की वजह से अनेक अस्पतालों में व्यवस्था सुधरी है, तो अनेक अस्पताल ऐसे भी हैं, जो लापरवाह हुए हैं। खासकर कोताही उन निजी अस्पतालों में ज्यादा हो रही है, जिन्हें सरकारों ने कोविड मरीजों के लिए अपने हाथों में ले लिया है। अहमदाबाद के जिस अस्पताल में आग लगी, वह भी इसी श्रेणी में था। स्वाभाविक ही अब उसे बंद कर दिया गया है। यह जरूरी है कि ऐसे जितने अक्षम अस्पताल हैं, उन्हें बंद किया जाए। निजी अस्पतालों को भले ही कोरोना की वजह से स्टाफ की कमी का सामना करना पड़ रहा हो, लेकिन तब भी उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी हादसे की नौबत न आए। तमाम इलेक्ट्रॉनिक, रासायनिक उपकरणों, बिजली आपूर्ति, अस्पतालों में स्थित भंडार और रसोईघर की जांच जरूरी है। 
ध्यान रहे, 65,000 से अधिक मामलों के साथ गुजरात देश के टॉप 10 कोरोना पीड़ित राज्यों में शामिल है। वह विकसित राज्यों में गिना जाता है, अत: उससे देश को उम्मीदें भी ज्यादा हैं। लगे हाथ हमारी सरकारों को कोरोना मरीजों की सेवा में लगे सरकारी अस्पतालों की भी सुध लेनी चाहिए। तरह-तरह की शिकायतें आ रही हैं। मरीजों को देखने में आनाकानी करने से लेकर बिस्तर-सफाई की बदइंतजामी तक, कमियों की सूची दिनोंदिन लंबी होती जा रही है। अहमदाबाद के हादसे के बाद लोग यह उम्मीद करेंगे, उन्हें देश के तमाम निजी और सरकारी अस्पतालों में सुधार की बयार दिखे। बढ़ते कोरोना को धूल चटाने के लिए हमें अस्पतालों की खामियों को भी इतिहास बनाना होगा।

Source link


Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by DEFINITE BPSC.

हमारा सोशल मीडिया

29,751FansLike
25,786SubscribersSubscribe

Must Read

शक्ति और मर्यादा संजोने का समय (हिन्दुस्तान)

अब नवरात्र के दिनों में पुराना बंगाल खूब याद आता है। 1950 के दशक के शुरुआती वर्षों में बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हुई...

हमारी आलोचना (हिन्दुस्तान)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत की जो आलोचना की है, वह न सिर्फ दुखद, बल्कि शुद्ध रूप से राजनीति...

Top 5 Sarkari Naukari-23 October 2020: PPSC, BPSC, ABVU, OMC, NIRT एवं अन्य संगठनों में निकली 1100 से अधिक सरकारी नौकरियां

सरकारी नौकरी प्राप्त करने हेतु युवाओं के लिए आज है पंजाब लोक सेवा आयोग (PPSC), बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय...

BPSC 65th Mains 2020: बिहार लोक सेवा आयोग ने 65वीं मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम जारी किया, 25 नवंबर से शुरू होगा एग्जाम

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। BPSC 65th Mains 2020: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने 65वीं संयुक्त मुख्य (लिखित) प्रतियोगिता परीक्षा 2020 की तिथियों...

Related News

शक्ति और मर्यादा संजोने का समय (हिन्दुस्तान)

अब नवरात्र के दिनों में पुराना बंगाल खूब याद आता है। 1950 के दशक के शुरुआती वर्षों में बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हुई...

हमारी आलोचना (हिन्दुस्तान)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत की जो आलोचना की है, वह न सिर्फ दुखद, बल्कि शुद्ध रूप से राजनीति...

Top 5 Sarkari Naukari-23 October 2020: PPSC, BPSC, ABVU, OMC, NIRT एवं अन्य संगठनों में निकली 1100 से अधिक सरकारी नौकरियां

सरकारी नौकरी प्राप्त करने हेतु युवाओं के लिए आज है पंजाब लोक सेवा आयोग (PPSC), बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय...

BPSC 65th Mains 2020: बिहार लोक सेवा आयोग ने 65वीं मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम जारी किया, 25 नवंबर से शुरू होगा एग्जाम

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। BPSC 65th Mains 2020: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने 65वीं संयुक्त मुख्य (लिखित) प्रतियोगिता परीक्षा 2020 की तिथियों...

बगावत के बुरे दौर में पाकिस्तान (हिन्दुस्तान)

पाकिस्तान में जो कुछ हो रहा है, उससे हमें हैरान नहीं, परेशान होना चाहिए। वहां हालात जब कभी भी खराब होते हैं, तो...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here